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पत्रकार राघवेन्द्र दुबे की ह्त्या के विरोध में प्रदर्शन


मुंबई  – मीरा भायंदर  व्हाईट हाऊस नामक लेडीज़ डाँस बियर बार की न्यूज़ कवरेज करने गए पत्रकारों में से तीन पत्रकारों पर हुए जानलेवा हमले और एक पत्रकार की ह्त्या के विरोध में सुर्ख़ियों में आया वो लेडीज़ डांस बियर बार को अतिशीघ्र तोड़ने की मांग को लेकर पत्रकारों ने मीरा भायंदर मनपा मुख्यालय के बाहर मूँह पर काली पट्टी बाँध कर और नारा लिखे हुए तख्तियाँ हाथों में लेते हुए जोरदार प्रदर्शन किया। और पत्रकार सुरक्षा कायदा कानून की मांग ने जोर पकड़ लिया है।

मीरा भायंदर महानगर पालिका मुख्यालय के बाहर मूँह पर काली पट्टी बाँध कर और अपने अपने हाथों में नारे लिखे हुए तख्तियाँ से आवाज़ को बुलंद करते हुए सभी पत्रकारों ने दमदार प्रदर्शन करते हुए उनके द्वारा यह मांग की गई। जिस लेडीज़ डाँस बियर बार पर स्थानीय पुलिस द्वारा पर की गई कानूनी कार्यवाही की खबर को कवरेज गए पत्रकारों पर हमला किया गया उस अवैध व्हाईट हाऊस नामक लेडीज़ डाँस बियर बार को शीघ्र ध्वस्त किया जाए।

पत्रकारों के द्वारा दिन भर चलते हुए इस दमदार प्रदर्शन के कई घंटों बाद मीरा भायंदर महानगर पालिका आयुक्त ने मुख्यालय के बाहर आकर पत्रकारों से मुलाक़ात की और लिखित आश्वासन भी दिया की १५ दिनों के अंदर ही उक्त बार को तोड़ कर ध्वस्त कर दिया जायेगा। इस तरह से सभी पत्रकारों ने मीरा भायंदर महानगर पालिका मुख्यालय के बाहर अपना प्रदर्शन समाप्त किया। पत्रकार लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ है।

हर परिस्थिति में पत्रकार अपने दायित्वों का फर्ज निभाते हुए सभी वर्ग की ख़बरों को जनता के सामने प्रस्तुत करता है। अगर उसी को मौत के घाट उतारा जाए तो उस सरकार के लिए बहुत शर्मा की बात है की उसकी सरकार में पत्रकार को काला व्यापार करने वाले गुंडे उसकी ह्त्या कर देते हैं। जिसमे स्थानीय पुलिस का उपाधीक्षक बावचे राघवेन्द्र दुबे को घर से स्थानीय पुलिस से फोन कॉल करवा कर पुलिस थाने में बुलाता है और कुछ देर बाद उसकी हत्या हो जाती है।

भारतीय लोकतंत्र में इसे क्या कहा जा सकता है। लेकिन वो पुलिस उपाधीक्षक सस्पेंड नहीं होता है। इसे क्या कहा जा सकता है। प्लानिंग मर्डर ? बता दिया जाए की मीरा रोड में व्हाईट हाऊस नामक लेडीज़ डांस बियर बार पर मीरा रोड पुलिस द्वारा की गयी कार्यवाही की न्यूज़ को कवरेज़ करने गए पत्रकार में शशि शर्मा, अनिल नौटियाल और संतोष मिश्रा पर जानलेवा हमला हुआ यह हमला पुलिस के सामने हुआ लेकिन पुलिस सिर्फ मूक दर्शक बनी रही।

नौटियाल जान बचाकर बाल बाल बचा और शशि शर्मा को हत्या के प्रयास कर मारपीट कर जख्मी अवस्था में सड़क पर छोड़ दिया। संतोष मिश्रा को हत्या के इरादे से अपहरण कर इस मामले को तूल पकड़ता देख और पुलिस को फंसता हुआ देख वो अपराधियों ने वापस मीरा रोड छोड़ दिया। दोनों की मानसिक स्थिति थोड़ी ठीक नहीं है। यह मामला महाराष्ट्र की जनता के सामने आ चूका है और जनता पत्रकारों साथ है।

युवा पत्रकार राघवेन्द्र दुबे की बियर बार वाले गुंडों द्वारा खतरनाक ढंग से की गयी हत्या कर दिए जाने के बाद पत्रकार जगत में गुस्सा फुट पड़ा है और काफी रोष है। और कई राज्यों में पत्रकारों ने विरोध जारी रखते हुए पत्रकारों की सुरक्षा हेतु कायदा कानून बनाने की मांग ने अब जोर पकड़ लिया है।

रिपोर्ट :- अजय शर्मा

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