MP : मस्जिदों में फिलहाल नहीं होगी जुम्मे की सामूहिक नमाज़

जुमे पर भी अब मस्जिदों में नमाज़ नहीं होगी। ताजुल मसाजिद में शहर काजी का आदेश लगा है। इसमें कहा गया है कि ताजुल मसाजिद सहित प्रदेश की हर मस्जिद में अगले आदेश तक नमाज़ नहीं पढ़ी जाएगी।

भोपाल : कोरोना वायरस से बचाव के लिए मध्य प्रदेश की किसी भी मस्जिद में फिलहाल सामूहिक नमाज़ अदा नहीं की जाएगी। जुमे की नमाज़ भी घर में अदा करना होगी।

भोपाल स्थित एशिया की सबसे बड़ी ताजुल मसाजिद में शहर काज़ी के हवाले से एक नोटिस लगा दिया गया है। इसमें कहा गया है कि जुमे सहित कोई भी नमाज़ फिलहाल मस्जिद में नहीं होगी। इबादतगार मस्जिद की अजान सुनकर अपने घर में रहकर नमाज़ अदा करें।

कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए मंदिरों के बाद मस्जिदों में भी सामूहिक इबादत रोक दी गयी है। एशिया की सबसे बड़ी मस्जिद ताजुल मसाजिद के साथ प्रदेश की सभी मस्जिदों में फिलहाल नमाज़ अदा नहीं की जाएगी।

नमाज़ के लिए लोग मस्जिदों में न पहुंचे इसलिए शहर काज़ी और इमाम ने अपील की है कि सब अपने घर पर रहकर ही नमाज़ पढ़ें। मस्जिद में होने वाली अजान सुनकर घर पर नमाज़ अदा करें। सभी मस्जिदों के बाहर इस संबंध में नोटिस लगा दिए गए हैं।

जुमे पर भी अब मस्जिदों में नमाज़ नहीं होगी। ताजुल मसाजिद में शहर काजी का आदेश लगा है। इसमें कहा गया है कि ताजुल मसाजिद सहित प्रदेश की हर मस्जिद में अगले आदेश तक नमाज़ नहीं पढ़ी जाएगी।

इससे पहले भोपाल और होगंशाबाद के शहर काज़ी ने अपने अपने शहरों में अजान की आवाज़ सुनकर घर में नमाज़ अदा करने की अपील लोगों से की थी। यह सब इसलिए किया जा रहा है ताकि सोशल डिस्टेंस बना रहे और हर व्यक्ति घर में सुरक्षित रहें।

चार दिन पहले भोपाल शहरकाज़ी ने एक वीडियो के जरिए मुस्लिम भाइयों से अपील की थी। उन्होंने कहा था कि मस्जिद से माइक पर अजान सुनकर जो लोग मस्जिद में हैं वह मस्जिद में नमाज पढ़ें। बाकी जो लोग घर में हैं वो अपने-अपने घरों में नमाज पढ़ें।

साथ ही उन्होंने कहा था कि सरकार की तरफ से जो आदेश दिए जा रहे हैं उन्हें मानें, उनका पालन करें। होशंगाबाद में शहरकाज़ी अशफाक अली ने भी अपील में था कि इबादतगार रोज़ाना पांच वक्त और जुमे की नमाज़ के लिए मस्जिदों में नहीं आएं।

कोरोना से बचाव के लिए अपने-अपने घरों में रहकर ही नमाज़ अदा करें। शहर काज़ी और उलेमाओं की बैठक में ये फैसला लिया गया कि फिलहाल मस्जिदों में सामूहिक नमाज़ नहीं की जाएगी।