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उज्जैन: एक्सप्लोसिव मिलने का मामला फर्जी, सिपाही ने रची थी साजिश

Ujjain hostel case was fakeइंदौर- मध्य प्रदेश उज्जैन के एक हॉस्टल में मिले विस्फोटक पदार्थ की साजिश लोकायुक्त पुलिस के एक सिपाही ने रची थी। इसमें उसका सहयोगी रहा निजी सिक्युरिटी गार्ड जिसने उसे विस्फोट दिलाने में मदद की। मध्यप्रदेश पुलिस ने दोनों व्यक्तियों को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस मुख्यालय में एटीएस आईजी संजीव शमी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि लोकायुक्त पुलिस इंदौर के सिपाही आशीष चंदेल ने रंजिश निकालने का बदला लेने के लिए विस्फोटक सामग्री उज्जैन के एक हॉस्टल में रखी थी। चंदेल ने अपने मित्र सुशील मिश्रा के साथ मिलकर यह साजिश रची। सुशील एक निजी सिक्युरिटी गार्ड की एजेंसी में गार्ड की नौकरी करता है।

आशीष ने साजिश के लिए उन्हेंल की एक दुकान से ‘साजिश’ के नाम से ही मोबाइल की एक सिम ली। इसी नाम से उसने फर्जी आधार कार्ड भी बनवाया। उसके दोस्त सुशील मिश्रा ने अपने संपर्कों के माध्यम से अशोक नगर से विस्फोटक सामग्री जुगाड़ी। सुशील मिश्रा कुछ समय खदान में काम कर चुका था तो उसे पता था कि विस्फोटक सामग्री कहां मिल सकती है। पुलिस ने इन दोनों को गिरफ्तार कर लिया है।

एटीएस के मुताबिक, पुलिस के ही एक कॉन्स्टेबल ने अपने साथियों को फंसाने के मकसद से लिक्विड बम रखवाया था। एक सिक्युरिटी एजेंसी के इम्प्लॉई ने उसकी मदद की थी। फिलहाल इस केस में टेरर एंगल नजर नहीं आ रहा है।

आपको बता दें कि बीते शनिवार शाम उज्जैन के नानाखेड़ा क्षेत्र में शाजिस नाम के सस्पेक्ट के कमरे से लिक्विड बम, जिलेटिन छड़ें और डिटोनेटर बरामद किए गए थे। एटीएस आईजी संजीव शमी ने बताया कि उज्जैन में एक्सप्लोसिव मिलने का मामला पूरी तरह फर्जी था। पुलिस को हॉस्टल के कमरे से आधार कार्ड की कॉपी मिली थी जो फर्जी निकली। इस मामले में आशीष और सुशील मिश्रा को हिरासत में लिया गया है।

शमी के मुताबिक, सिक्यरिटी एजेंसी के इम्प्लॉई सुशील मिश्रा ने एक हॉस्टल के कमरे में एक्सप्लोसिव रखा था। लोकायुक्त पुलिस का कॉन्स्टेबल आशीष चंदेल इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड था। आशीष ने अपने कुछ साथियों को फंसाने के लिए पूरी साजिश रची।
ज्ञात हो कि इस मामले को इंटेलिजेंस एजेंसियों ने आतंकी साजिश करार दिया था। एजेंसियों की मानें तो 30 से 40 साल के तीन लोगों को इसके लिए स्पेशल ट्रेनिंग दी गई थी। पिछले दो दिनों में दोनों एजेंसियों ने 45 जगह पर छापे मारे और 150 लोगों से पूछताछ की थी।

क्या है पूरा मामला –
ज्ञात हो कि शनिवार शाम उज्जैन के नानाखेड़ा क्षेत्र में शाजिस नाम के सस्पेक्ट ने दो दिन के लिए हॉस्टल का कमरा नंबर 212 लिया था। वह अपने साथ एक काला बैग लेकर आया था। खाना खाने का बोलकर गया था। रात दो बजे तक जब नहीं लौटा तो पुलिस को खबर की गई। पुलिस ने सुबह तक इंतजार करने को कहा था। शनिवार दोपहर दो बजे तक भी वह नहीं आया तो दोबारा पुलिस को खबर की गई थी। मौके पर पहुंची पुलिस ताला तोड़ कमरे में घुसी तो बैग में एक्सप्लोसिव मिले थे।

सस्पेक्ट के बैग से उज्जैन का पूरा नक्शा भी मिला था। एजेंसियों ने इससे जुड़े पुराने रिकॉर्ड भी खंगाले। पहले एटीएस चीफ संजीव शमी ने दावा किया कि तीन आतंकियों की शिनाख्त कर ली है, जल्द ही ये गिरफ्त में होंगे। उज्जैन एसपी मनोहर सिंह वर्मा ने रविवार शाम संदिग्ध आतंकी का फोटो जारी किया था। सूचना या सुराग देने पर 10 हजार के इनाम की घोषणा की थी।

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