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सौतेली मां अखिलेश के खिलाफ साजिश रच रही- एमएलसी

akhilesh yadavलखनऊ- समाजवादी पार्टी और मुलायम परिवार में विवाद को लेकर अखिलेश यादव के समर्थक और एमएलसी उदयवीर सिंह का चौकाने वाला बयान सामने आया है। उदयवीर सिंह का आरोप है कि अखिलेश यादव की पार्टी और परिवार में तमाम मुश्किलों के पीछे मुलायम की दूसरी पत्नी यानी अखिलेश की सौतेली मां का हाथ है।

‘इंडियन एक्सप्रेस’ की खबर के मुताबिक, एमएलसी उदयवीर सिंह ने समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और मुलायम के भाई शिवपाल पर भी आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि शिवपाल, सीएम अखिलेश की सौतेली मां को राजनीतिक मोर्चे पर ला रहे हैं। उदयवीर ने सपा सुप्रीमो को नसीहत देते हुए कहा कि मुलायम को परिवार में अपने बड़े बेटे को लेकर हो रही साजिशों से सतर्क रहना चाहिए।

क्या लिखा है चिट्ठी में ?
एटा-मैनपुरी सीट से एमएलसी चुने गए उदयवीर सिंह ने इस बारे में चार पेज की चिट्ठी लिखी है। ऐसा पहली बार हुआ है, जब पार्टी के किसी सदस्य से मुलायम को उनके बेटे अखिलेश यादव के लिए रास्ता बनाने को कहा हैं। साथ ही सपा सुप्रीमो को सीएम और उनकी सौतेली मां के बीच चल रहे तनाव और मनमुटाव को खत्म करने की सलाह दी है। बताया जा रहा है कि मुलायम के अखिलेश यादव को पार्टी का मुख्यमंत्री चेहरा घोषित किए जाने के बाद उन्हें लेकर साजिशें और तेज हो गई हैं।

एमएलसी उदयवीर सिंह ने लेटर में ‘सीएम से निजी जलन की भावना’ के सबहेड में लिखा, ‘जबसे आपने (मुलायम) अखिलेश यादव को चुनाव में पार्टी का सीएम चेहरा बताया है, तब से आपके परिवार में साजिश की शुरुआत हुई। हालांकि, अखिलेश की सौतेली मां हमेशा पर्दे के पीछे रहीं। उनका राजनीतिक चेहरा बनकर शिवपाल आगे आए। शिवपाल ऐसा ना होने देने के लिए पार्टी के सीनियर नेताओं से संपर्क करने लगे। ‘

उदयवीर ने आगे कहा, ‘एंटी अखिलेश ग्रुप के दबाव में आकर मुलायम ने कई बार सार्वजनिक मंच पर सीएम अखिलेश को फटकार लगाई है। अखिलेश हमेशा एक आज्ञाकारी बेटे बने रहे। कभी रिएक्ट नहीं किया। ‘ उन्होंने दावा किया कि “बाहरी लोगों’ ने हमेशा इस परिवार के संकट का फायदा उठाया है। उन्होंने का कि पार्टी को पहले जैसी स्थिति में लाने के लिए सपा सुप्रीमो को निष्कासित नेताओं को दोबारा पार्टी में लाना चाहिए और अखिलेश को फुल पावर देना चाहिए। उदयवीर ने मुलायम को लिखा, ‘जब आप सीएम थे, तो पार्टी से संबंधित सभी फैसले लेने की अधिकार आपको था. ठीक उसी तरह आपको अखिलेश यादव को भी पूरी आजादी देनी चाहिए। [एजेंसी]




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