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नरसिंहपुर- एक बच्ची से हुए दुष्कर्म के मामले में मुंगवानी थाना पुलिस पर गंभीरता से कायर्वाही न करने के आरोप लगे हैं। बच्ची के परिजनों का आरोप है कि मुंगवानी पुलिस ने आरोपी के प्रभाव में आकर दुष्कर्म के मामले को छेड़छाड़ के मामले में तब्दील कर दिया।

जानकारी के मुताबिक विगत 3 सितंबर को मुंगवानी थाना क्षेत्र के ग्राम लिघारी के एक आदिवासी परिवार की 12 वर्षीय बालिका के साथ गांव के ही आरोपी मनोज पिता नेतराम मेहरा 28 वर्ष ने दुष्कर्म की वारदात अंजाम दी थी।

बीते दिवस पीडि़त बालिका अपने माता-पिता के साथ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंची और पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर न्याय की गुहार लगाई।
शिकायती पत्र में पीडि़ता के पिता ने जब उसकी 12 वर्षीय पुत्री अकेली अपनी बुआ के घर जा रही थी तभी आरोपी ने उसे अपने खेत के पास पकड़ लिया और दुष्कर्म किया।

बालिका के पिता के मुताबिक उस समय वह अपने घर जाने के लिए घटना स्थल के पास से गुजर रहा था तो उसे उसकी पुत्री की आवाज सुनाई दी। जब वह वहां पहुंचा तो आरोपी भाग खड़ा हुआ। बालिका के पिता ने बताया कि वह अपनी बच्ची को नग्न अवस्था में उठाकर अपने घर लाया।

पीडि़ता के पिता के अनुसार घटना के दिन ही वह अपनी पुत्री को लेकर मुंगवानी थाना गया था लेकिन वहां कोई महिला पुलिस कर्मी न होने की वजह से वह दिन भर वहां बैठने के बाद रात्रि को अपनी पुत्री को लेकर घर वापस आ गया।

दूसरे दिन जब पीडि़ता व उसका पिता थाने पहुंचा तो एक महिला पुलिस कर्मी द्वारा उनकी शिकायत दर्ज की गई और आरोपी के खिलाफ धारा 354 ए, 506 भादवि एवं लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम की धारा 4 के तहत प्रकरण दर्ज कर दिया।

पीडि़ता के पिता का आरोप है कि मुंगवानी पुलिस ने आरोपी पक्ष के प्रलोभन में आकर उस पर दुष्कर्म का मामला दर्ज नही किया जबकि बालिका ने पुलिस को दिए बयान में पूरी घटना बताई थी।

पूरे घटनाक्रम व पुलिसिया कार्यप्रणाली से अवगत होने के बाद एसपी मुकेश श्रीवास्तव ने मुंगवानी थाना प्रभारी को आरोपी के विरूद्ध सख्त व निष्पक्ष कायर्वाही करने के निर्देश दिये गये तो मुंगवानी पुलिस ने पुन: बालिका के बयान दर्ज करते हुए आरोपी के विरूद्ध लगाई गई धाराओं में धारा 376 आईपीसी भी जोड़ दी है। लेकिन मुंगवानी पुलिस ने यह कहते हुए अपना बचाव किया है कि बालिका ने पूर्व में दिए गए अपने बयान बदले हैं इसलिए मामले में धारा बढ़ाई गई है।

मुंगवानी थाना प्रभारी उमेश दुबे ने इस मामले में पुलिस पर लगे आरोपों को निराधार बताते हुए बताया कि आरोपी के विरुद्ध पूर्व में छेड़छाड़ का जो मामला दर्ज किया गया था वह बालिका के बयान के आधार पर ही दर्ज किया गया था।

नरसिंहपुर से आई महिला एएसआई शिवकुमारी द्वारा नियमानुसार वीडियोग्राफी करते हुए बालिका के बयान दर्ज किए गए थे। अब बालिका द्वारा पुन: अपने बयान बदले गये हैं तो उनके आधार बालिका का मेडिकल चैकअप कराकर पुन: वीडियो रिकार्डिंग के साथ उसके बयान दर्ज किए गए हैं। थाना प्रभारी का कहना है कि इन मामलों में पुलिस बेहद संजीदा रहती है बयानों की विडियोग्राफी इसकी गवाह हैं।एजेंसी

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