प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14-15 जून को होने वाली शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन ( SCO ) समिट में हिस्सा लेने किर्गिस्तान जाएंगे। हालांकि विदेश मंत्रालय ने साफ कहा है कि इस दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के बीच कोई मुलाकात नहीं होगी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि भारत-पाक प्रधानमंत्रियों के बीच मुलाकात को लेकर अभी कोई जानकारी नहीं दी गई है।

गुरुवार को दिल्ली में मीडिया से बात करते हुए रवीश कुमार ने बताया कि भारत-पाक पीएम के बीच मुलाकात को लेकर कोई तैयारी नहीं है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के विदेश सचिव व्यक्तिगत कारणों से भारत आए थे। उनके साथ कोई मीटिंग तय नहीं थी।

इमरान खान अगस्त, 2018 में पाक के प्रधानमंत्री बने थे। इसके बाद उन्होंने कई बार मोदी से मिलने की मंशा जताई। हालांकि, जनवरी 2016 में पठानकोट एयरबेस पर हमले के बाद से भारत पाक के साथ किसी तरह की आधिकारिक बातचीत में शामिल नहीं हो रहा है।

भारत का कहना है कि द्विपक्षीय वार्ता और आतंक साथ-साथ नहीं चल सकते, इसलिए पाक को बातचीत के लिए आतंक का साथ देना बंद करना होगा। वहीं, पुलवामा हमले और बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद दोनों देशों के बीच और तनाव बढ़ गया है।

पीएम मोदी ने साफ कहा है कि अब आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी। इतना ही नहीं पीएम मोदी के शपथ ग्रहण में पाक को निमंत्रण भी नहीं भेजा गया था। इमरान खान ने फोन पर ही पीएम मोदी को जीत की बधाई दी थी।

दरअसल, कयास लगाए जा रहा थे कि किर्गिस्तान में होने वाली शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन समिट में पीएम मोदी और इमरान खान के बीच मुलाकात हो सकती है, लेकिन विदेश मंत्रालय ने सभी संभावनाओं से इनकार कर दिया है।

गौरतलब है कि इससे पहले भारत और पाक के प्रधानमंत्री 2017 में एससीओ समिट के दौरान ही मिले थे। तब पाक के तत्कालीन प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और पीएम मोदी के बीच कुछ मिनटों की अनाधिकारिक बातचीत हुई थी। – मीडिया रिपोर्ट