charlie-hebodपैरिस – फ्रेंच मैगजीन शार्ली एब्दो के कार्टूनिस्ट लुज ने कहा है कि वह अब पैगंबर के कार्टून नहीं बनाएंगे । लुज ने मैगजीन दफ्तर पर हुए हमले के बाद शार्ली एब्दो के कवर पिक्चर के लिए पैंगबर का कार्टून बनाया था । मैगजीन के ऑफिस पर इस्लामी आतंकवादियों ने हमला किया था, जिसमें 12 लोग मारे गए थे। शार्ली एब्दो एक साप्ताहिक व्यंग्य पत्रिका है जो कार्टूनों के जरिए राजनीतिक-सामाजिक मुद्दों पर कटाक्ष करती है।

लुज ने बुधवार को एक वेबसाइट को दिए इंटरव्यू में कहा,’पैगंबर का कार्टून बनाने में अब मेरी कोई दिलचस्पी नहीं बची है। उनके कार्टून बनाकर मैं ठीक उसी तरह ऊब चुका हूं जैसे कि निकोलस सर्कोजी (फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति) के कार्टून बनाकर।’ उन्होंने कहा कि आतंकवादी हमसे जीते नहीं, बल्कि हारे। लुज ने कहा कि आतंकवादी तब जीतते जब फ्रांस के लोग उनसे डर जाते, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

आतंवादियों ने इस साल पैरिस में शार्ली एब्दो के ऑफिस पर हमला कर दिया था। इस हमले में 12 लोगों को मौत के घाट उतार दिया गया था। आतंकियों को कहना था उन्होंने पैगंबर के अपमान का बदला लेने के लिए ऐसा किया। इस्लाम में पैगंबर को किसी भी रूप में चित्रित करना ईशनिंदा के दायरे में आता है।

हालांकि इस हमले के बावजूद मैगजीन के स्टाफ और लुज का हौसला नहीं टूटा और अगले एडिशन में उन्होंने फिर से कवर पेज पर पैगंबर का कार्टून छापा। यह कार्टून भी लुज ने ही बनाया था। इस कार्टून में पैगंबर की आंखों में आंसू थे और उन्होंने ‘Je suis Charlie’ (फ्रेंच भाषा में मैं चार्ली हूं) लिखी हुई तख्ती पकड़े हुए थे। साथ ही तख्ती पर लिखा था- ‘सब माफ किया’।

शार्ली एब्दो के इस एडिशन ने धूम मचा दी थी और इसकी 60,000 प्रतियां बिकीं। दुनिया भर में पत्रकारों और बुद्धिजीवियों ने अभिव्यक्ति की आजादी के लिए शार्ली एब्दो का समर्थन किया था।

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