पीएम मोदी ने सर्वदलीय बैठक में दिए संकेत, 11 अप्रैल के बाद बढ़ सकता हैं लॉकडाउन

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सर्वदलीय बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कहा कि 14 अप्रैल को देशव्यापी लॉकडाउन को खत्म करना संभव नहीं होगा क्योंकि देश ने कोरोना वायरस बीमारी के 5000 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। सांसदों के साथ बातचीत के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि, देश में स्थिति ‘सामाजिक आपातकाल’ के समान है। इसके लिए कड़े फैसलों की जरूरत है और हमें सतर्क रहना चाहिए। राज्यों, जिला प्रशासन और विशेषज्ञों ने वायरस के प्रसार को रोकने के लिए लॉकडाउन के विस्तार का सुझाव दिया है।

नई दिल्ली: कोरोना वायरस और लॉकडाउन को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज ने लोकसभा और राज्यसभा में विभिन्न दलों के नेताओं के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात की। सूत्रों के अनुसार, बैठक में पीएम मोदी ने विपक्षी दलों को देश में लॉकडाउन बढ़ाने के संकेत दिए। पीएम ने इस दौरान कहा कि वह 11 अप्रैल को फिर से सभी राज्यों के सीएम से बात करेंगे। जिसके बाद फैसला लेंगे। इस बैठक में पीएम मोदी ने राहत पैकेज और मेडिकल उपकरणों की कमी जैसे मुद्दे भी उठाए गए।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सर्वदलीय बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कहा कि 14 अप्रैल को देशव्यापी लॉकडाउन को खत्म करना संभव नहीं होगा क्योंकि देश ने कोरोना वायरस बीमारी के 5000 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। सांसदों के साथ बातचीत के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि, देश में स्थिति ‘सामाजिक आपातकाल’ के समान है। इसके लिए कड़े फैसलों की जरूरत है और हमें सतर्क रहना चाहिए। राज्यों, जिला प्रशासन और विशेषज्ञों ने वायरस के प्रसार को रोकने के लिए लॉकडाउन के विस्तार का सुझाव दिया है।

पीएम के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए बातचीत में कांग्रेस से गुलाम नबी आजाद, टीएमसी से सुदीप बंद्योपाध्याय, शिवसेना से संजय राउत, बीजेडी से पिनाकी मिश्रा, एनसीपी से शरद पवार, समाजवादी पार्टी से रामगोपाल यादव, अकाली देल से सुखबीर सिंह बादल, बीएसपी से सतीश चंद्र मिश्रा, वाईएसआर कांग्रेस पार्टी से विजय साई रेड्डीऔर मिथुन रेड्डी, जेडीयू से राजीव रंजन सिंह, एलजेपी से चिराग पासवान आदि शामिल हुए।

बीजेपी की ओर से केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, थावरचंद गहलोत, अमित शाह, प्रह्लाद जोशी, अर्जुनराम मेघवाल, वी. मुरलीधरन, नरेंद्र तोमर और निर्मला सीतारमण भी मौजूद रहे। पीएम मोदी के साथ हुई नेताओं की इस बैठक ने कई अहम मांगे की गई हैं। इसमें एफआरबीएम राजकोषीय सीमा को 3 से 5 फीसदी करने, राज्यों को उनका बकाया देने, राहत पैकेज को जीडीपी के एक फीसदी से बढ़ाकर 5 फीसदी करने, कोरोना टेस्ट को फ्री करने और पीपीई समेत सभी मेडिकल इक्विपमेंट को मुहैया कराने की अपील की गई है।