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तकनीक का हो इस्तेमाल, तारीख पे तारीख नहीं : पीएम मोदी

लखनऊ / इलाहाबाद । इलाहाबाद हाईकोर्ट के 150 वर्ष पूरे होने पर रविवार को संगम नगरी में समापन समारोह आयोजित किया गया । सुबह 11 बजे आरम्भ हुए कार्यक्रम में पीएम मोदी, चीफ जस्टिस अॉफ इण्डिया जे एस खेहर, केन्द्रीय विधि मंत्री रवि शंकर प्रसाद, यूपी के राज्यपाल राम नाईक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, इलाहबाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस दिलीप बी भोंसले, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या, कैबीनेट कानून मंत्री ब्रिजेश पाठक ने दीप प्रज्जवलन कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया ।

इसके बाद सभी गणमान्य अतिथियों को पुष्प गुच्छ और स्मृति चिन्ह दे कर सम्मानित किया गया । कई जस्टिस और न्यायविदों ने देश की कानून व्यवस्था और आवश्यकताओं पर प्रकाश डाला । बतातें चलें कि पिछले वर्ष इलाहाबाद हाईकोर्ट के 150 वर्ष पूरे होने के ऐतिहासिक कार्यक्रम का उद्घाटन राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी द्वारा किया गया था । पिछले वर्ष ही लखनऊ में इलाहाबाद हाईकोर्ट की बेन्च का नये भवन में स्थानांतरण किया गया था ।

इस अवसर पर एक स्मारिका का विमोचन भी किया गया । कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अधिवक्तागणों ने भाग लिया । केन्द्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट के 150 वर्षो की यात्रा नये भारत के निर्माण की यात्रा है और इस अदालत ने देश को बड़े बड़े अधिवक्ता और न्याय के नये सोपान दिये है । इलाहाबाद हाईकोर्ट के तीन बड़े निर्णय का उल्लेख करते हुए मदन मोहन मालवीय, इंदिरा गांधी का चुनाव निरस्त करने का और राम मंदिर निर्माण के अहम फैसले का जिक्र किया ।

नयी योजनाओं का विवरण देते हुए रविशंकर ने कहा कि डिजीटल इण्डिया कार्यक्रम प्रधानमंत्री मोदी के दिशा निर्देशों पर आगे बढ़ रहा है । गरीबों को मुफ्त विधिक सलाह मिल सके इस कार्यक्रम को शीघ्र ही यूपी से शुरू करेंगे । वकीलों के लिये नयी योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि गरीबों पिछडों के लिये टेक्नोलॉजी के माध्यम से काम करना है और आपका हर कदम देश की तरफ होना चाहिए । न्यायपालिका की निष्पक्षता हर हाल में सबसे आवश्यक है ।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रजातंत्र की सफलता न्याय तंत्र पर निर्भर करती है ।

कानून से बड़ा कोई नहीं होता है । न्यायपालिका की समाज में अभूतपूर्व भूमिका होती है । न्यायपालिका और कार्यपालिका को अपने कर्तव्यों पर सदा अडिग रहना चाहिए । भारतीय ग्रन्थों का हवाला देते हुए कहा कि भारत के मनीषियों ने जो सदियों पहले लिख दिया वो आज भी न्याय देने में काम आता है । महाभारत का उदाहरण देते हुए कहा कि न्यायपालिका ने बिना किसी दबाव के ऐसे निर्णय दिये है जो इतिहास बन चुके है ।

इलाहाबाद और प्रदेश के न्यायालयों में लम्बित हजारों मुकदमों के शीघ्र निस्तारण की बात करते हुए योगी ने कहा कि यूपी चीफ जस्टिस गॉव गॉव तक शीघ्र न्याय दिलवाने की व्यवस्था करे । वर्षो से जेल में बंद कैदियों की रिहाई की बात करते हुए कहा कि स्टाफ का बढ़ाना, टेक्नोलॉजी का प्रयोग, फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन करने के साथ केन्द्र द्वारा दी गयी सभी योजनाओं के साथ प्रदेश सरकार कदम से कदम मिला कर पूरा करेगी ।

चीफ जस्टिस अॉफ इण्डिया जगदीश सिंह खेहर ने कहा कि ऐतिहासिक इलाहाबाद हाईकोर्ट ऐतिहासिक संगम के तट पर बना है । इलाहाबाद स्वतंत्रता संग्राम, संगीत, कुम्भ मेला और न्याय के लिये जाना जाता है । इलाहाबाद इतिहास और भूगोल का अनूठा संगम है । इलाहाबाद के इतिहास का जिक्र करते हुए जस्टिस सिंह ने कहा कि यहॉ हाईकोर्ट ने न्याय में बड़े मुकाम हासिल किये है । इलाहाबाद हाईकोर्ट के ऐतिहासिक निर्णय गिनाते हुए चीफ जस्टिस अॉफ इण्डिया ने कहा कि यहॉ के निर्णय और यहॉ के लोग मील का पत्थर बने है ।

इलाहाबाद हाईकोर्ट में लम्बित हजारों केसों के शीश निस्तारण करने की बात करते हुए जस्टिस खेहर ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी बारबर मन की बात करते है और आज हम मन की बात करने आये है। सफलता चाहे जीवन या संस्थान की हो ये बात निर्भर करती है कि आप अपनी जिम्मेदारी कैसे उठाते हो । यहॉ बदलते परिवेश में हमे अपनी भूमिका तय करनी है । बचपन की पढ़ाई याद करते हुए जस्टिस खेहर ने कहा कि स्लीपिंग सिकनेस किटाणू को चिकित्सा से ही ठीक किया जा सकता है वैसे ही जिंदगी में टर्निंग प्वाइंटस् का ध्यान रखना है और स्लीपिंग सिकनेस किटाणू को मार भगाना है । जीवन के टर्निंग प्वाइंटस् बतातें हुए कहा कि जीवन के हर मोड़ पर एक मैराथन मिलता है जो बहुत कुछ सिखाता है ।

जजों और वकीलों को देश के लिये काम करने का आवाह्न करते हुए कहा कि आप के पास जो भी समय बचे उसे लम्बित मामलों को समाप्त करने में लगाये, यदि जज छुट्टियों के पाच दिन भी ऐसा करे तो एक महीने में लगभग 10 हजार लम्बित मुकदमे समाप्त किये जा सकते है । उन्होनें कहा कि चाहे ट्रिपल तलाक जैसा गंभीर मामला क्यों न हो पर आर या पार कर देश और जनता को राहत प्रदान करे ।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र दामोदर दास मोदी ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि चीफ जस्टिस मन की बात कर रहे थे और मैं मन से सुन रहा था । उनकी पीड़ा मैनें समझी है और जिस संकल्प को वे आप लोगों को दे रहे है सरकार उसमें आपकी सहायता करेगी ।

पूर्व राष्ट्रपति सर्वपल्ली राधाकृष्ण के 50 साल पहले यहीं इलाहाबाद हाईकोर्ट में दिये गये व्यक्तवय का हवाला देते हुए कहा कि कानून का अन्तिम कार्य देश के हर नागरिक का कल्याण है । गांधी के अन्तिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने की बात को बतातें हुए मोदी ने कहा कि आजादी के आन्दोलन को वकीलों ने सुरक्षा कवच दिया । वकीलों ने अंग्रेजी जुल्म से देश की रक्षा की । इलाहाबाद ने आजादी के आन्दोलन और न्याय व्यवस्था को हमेशा नयी दिशाएं दी है ।

आज देश को ऐसा जज्बा जगाने की जरूरत है जैसा आजादी के समय था, यदि ऐसा हो गया तो जब हम आजादी के 75 साल मनायेंगे तब देश नये मुकाम पर खडा होगा । देश वासियों का एक कदम देते सवा सौ करोड़ कदम आगे ले जा सकता है ।

आम आदमी पर कानूनों के बोझ की बात करते हुए कहा कि हम अब तक 1200 कानून समाप्त कर चुके है । डिजीटल इण्डिया के माध्यम से न्याय व्यवस्था को सरल बनाने की बात करते हुए कहा कि फाइलों के बड़े बोझ से मुक्ति मिलनी शुरू हो गयी है और वकीलों की ताकत बढ़ी है । टेक्नोलॉजी का अदालतों में प्रयोग करने की बात करते हुए कहा कि तारीख पे तारीख अब समाप्त होगी और मोबाइल पर एसएमएस से तारीख दी जायेगी । योगी जी प्रदेश में आये है तो इस कदम को शीघ्र उठाया जायेगा । @शाश्वत तिवारी

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