सऊदी पहुंचे पीएम मोदी ने कहा- दोनों देश एशिया की महाशक्ति

रियाद: सऊदी अरब एक स्थानीय मीडिया ‘अरब न्यूज’ को दिए साक्षात्कार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत सऊदी अरब का रणनीतिक साझेदार हैं, साथ ही नई दिल्ली के रियाद के साथ अच्छे संबंध हैं। दोनों देशों वैश्विक सुरक्षा और आतंकवाद के मुद्दे पर भी एक साथ खड़े होकर लड़ने में विश्वास रखते हैं।

उन्होंने कहा कि भारत सऊदी अरब से 18 प्रतिशत कच्चा तेल आयात करता है, जो सऊदी को भारत के लिए कच्चे तेल का दूसरा सबसे बड़ा आयातक देश बनाता है। पीएम मोदी ने आगे कहा कि अब हम एक करीबी रणनीतिक साझेदारी की ओर बढ़ रहे हैं जिसमें तेल और गैस परियोजनाओं में सऊदी निवेश शामिल होगा।

भारतीय प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे देश की ऊर्जा आवश्यकताओं के लिए हम सऊदी अरब के महत्वपूर्ण और विश्वसनीय स्त्रोत के रूप में होने की सराहना करते हैं। हमारा मानना है कि तेल की स्थिर कीमतें वैश्विक अर्थव्यवस्था के विकास के लिए, साथ ही यह विकासशील देशों की अर्थव्यवस्थाओं के लिए भी महत्वपूर्ण है।

उन्होंने आगे कहा कि सऊदी अरामको भारत के पश्चिमी तट पर एक बड़ी रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल परियोजना को स्थापित करने में भाग ले रहा है। इसके अलावा हम भारत के सामरिक पेट्रोलियम भंडार में अरामको की भागीदारी के लिए भी उत्सुक हैं।

पीएम मोदी ने अपने साक्षात्कार में कहा कि जी-20 में भारत और सऊदी अरब असमानता और सतत विकास के लिए साथ मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुझे यह जानकर खुशी है कि सऊदी अरब अगले वर्ष जी-20 शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा और वहीं अपनी स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ पर भारत 2022 में इसकी मेजबानी करेगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मेरा मानना है कि भारत और सऊदी अरब जैसी एशियाई शक्तियां अपने पड़ोस में एक ही तरीके की सुरक्षा चिंताओं को साझा करती हैं। उस संबंध में, मुझे खुशी है कि आतंकवाद, सुरक्षा और सामरिक मुद्दों के क्षेत्र में, विशेष रूप से प्रगति में हमारा सहयोग बहुत अच्छा है।
पीएम मोदी ने सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्री अब्दुलअजीज बिन सलमान अल सऊद से भी मुलाकात की।


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय दौरे पर सऊदी अरब में हैं। उन्होंने मंगलवार सुबह जॉर्डन के किंग अब्दुल्ला द्वितीय से मुलाकात की। अब्दुल्ला द्वितीय भी सऊदी के दौरे पर हैं।

पीएम मोदी और जॉर्डन के किंग के बीच व्यापार और निवेश, मानव संसाधन विकास और लोगों के बीच संबंधों को प्रगाढ़ बनाने को लेकर चर्चा हुई।