अपराधी का अंत हो गया, अपराध और उसको सरंक्षण देने वाले लोगों का क्या? – प्रियंका

कानपुर के एसएसपी दिनेश कुमार प्रभु ने बताया कि एसटीएफ की गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हुई थी। इस दौरान आरोपी विकास दुबे ने कार में सवार पुलिसकर्मी की पिस्टल छीनकर फायरिंग करते हुए भागने की कोशिश की।


उत्तर प्रदेश के कानपुर में दुर्दांत अपराधी विकास दुबे को यूपी एसटीएफ ने मार गिराया है। इस एनकाउंटर के बाद कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने सवाल उठाए हैं। प्रियंका ने ट्वीट कर कहा कि अपराधी का अंत हो गया, अपराध और उसको सरंक्षण देने वाले लोगों का क्या?

इससे पहले प्रियंका गांधी ने ट्वीट किया, ‘कानपुर के जघन्य हत्याकांड में यूपी सरकार को जिस मुस्तैदी से काम करना चाहिए था, वह पूरी तरह फेल साबित हुई। अलर्ट के बावजूद आरोपी का उज्जैन तक पहुंचना न सिर्फ सुरक्षा के दावों की पोल खोलता है, बल्कि मिलीभगत की ओर इशारा करता है। तीन महीने पुराने पत्र पर ‘नो एक्शन’ और कुख्यात अपराधियों की सूची में ‘विकास’ का नाम न होना बताता है कि इस मामले के तार दूर तक जुड़े हैं। यूपी सरकार को मामले की CBI जांच करा सभी तथ्यों और प्रोटेक्शन के ताल्लुकातों को जगज़ाहिर करना चाहिए।’

अपराधी का अंत हो गया, अपराध और उसको सरंक्षण देने वाले लोगों का क्या?

दरअसल, उज्जैन से गिरफ्तार विकास दुबे को यूपी एसटीएफ 3 गाड़ियों से करीब 700 किालेमीटर दूर कानपुर ला रही थी। यहां कानपुर देहात में अचानक एसटीएफ की वो गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो जाती है, जिसमें विकास दुबे सवार होता है।

इसके बाद शुरू होता है एनकाउंटर, जो 10 मिनट बाद ही विकास दुबे की मौत और 4 सिपाहियों के घायल होने के रूप में समाप्त हो जाता है।

एसएसपी और अस्‍पताल के डॉक्‍टरों ने विकास दुबे के मारे जाने की पुष्टि की है। कानपुर के आईजी मोहित अग्रवाल ने भी गैंगस्‍टर विकास दुबे के मारे जाने की पुष्टि कर दी है।

कानपुर के एसएसपी दिनेश कुमार प्रभु ने बताया कि एसटीएफ की गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हुई थी। इस दौरान आरोपी विकास दुबे ने कार में सवार पुलिसकर्मी की पिस्टल छीनकर फायरिंग करते हुए भागने की कोशिश की।

इसी बीच एसटीएफ की दूसरी गाड़ियां पहुंच गईं और पुलिस की जवाबी फायरिंग में विकास दुबे को गोली लगी।

उधर, पता चला है कि 4 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, इनमें एक इंस्पेक्टर, एक एएसआई और दो सिपाही शामिल हैं।