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चंडीगढ़- हरियाणा जाट आंदोलन के बाद अब पंजाब के जाटों ने आरक्षण की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया है ! जिसके तहत आज अखिल भारतीय जाट जट आरक्षण संघर्ष समिति के बैनर के नीचे जाटों और जट्टों ने फाजिल्का के डिप्टी कमिशनर दफ्तर के बाहर रोष धरना देते हुए आरक्षण की मांग की !

इसी मामले में देश के प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी और पंजाब के मुख्य मंत्री सरदार प्रकाश सिंह बादल के नाम एक माँग पत्र डिप्टी कमिशनर श्रीमति ईशा कालिया को दिया और 23 मार्च को फाजिल्का के गांव आसफवाला की 4 जाटों की समाधी स्थल से पंजाब में अंदोलन की शरुआत करने की घोषणा की।

जाट जट आरक्षण संघर्ष समिति के नेताओं ने धरने को सबोधित करते कहा कि देश के 9 राज्यों में जाटों को ओ बी सी श्रेणी में शामिल करके 27 प्रतिशत कोटा दिया जा रहा है ! जबकि पंजाब में जाट और जट्टों को इसमें शामिल ही नहीं किया गया !

उनकी मांग है कि पंजाब सरकार जाट और जट्टों को ओ बी सी श्रेणी में शामिल करके 27 प्रतिशत कोटा दे। उन्होंने कहा कि जाट और जट् पंजाब में 85 प्रतिशत गांव में रहते है और मूलभूत सुविधाओ से वंचित है जबकि उनके साथ रहती अन्य जाति विभिन श्रेणियों में शामिल होकर इसका फायदा ले रही है।

उन्होंने कहा कि आज पंजाब के जाट और जट्टों के हालात काफी ख़राब है और इनके बच्चे पढ़ाई में 80 प्रतिशत तक नंबर लेते है फिर भी उनको नौकरी नही मिलती ! उन्होंने कहा कि अगर पंजाब सरकार ने हमारी मांगों को 22 मार्च तक नही माना तो 23 मार्च से आरक्षण की मांग को लेकर आसफ वाला शहीदों की समाध से पूरे पंजाब में अंदोलन शुरू किया जाऐगा जिसकी जिम्मेवारी सरकार की होगी।

रिपोर्ट- इंद्रजीत सिंह