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रियलटी चेक: खामियों के बैंक, बेपरवाह बैंक प्रबंधन, उपभोक्ता परेशान

बाराबंकी : जिले में बैंको की सुरक्षा रामभरोसे है। एक के बाद एक सरेआम लूटपाट की घटनाओं के बाद भी बैंकों में सुरक्षा को लेकर सतर्कता नहीं बरती जा रही है एक-दो बैंकों को छोड़ दें, तो अधिकांश में सुरक्षा सम्बन्धी मामलों में बैंक प्रबंधन लापरवाही दिख रहा है।

जिले में शासकीय और अर्धशासकीय कई बैंक संचालित हैं, जिनकी सुरक्षा को लेकर कोई खास व्यवस्था नहीं की गई है। जिसके चलते असुरक्षित माहौल में ही करोड़ों रुपए का लेन-देन चल रहा है।

भय के साये में बैंक कर्मी और ग्राहक

इस स्थिति में बैंक के कर्मी भय के साए में काम करने को विवश हैं। वहीं ग्राहक भी आनन-फानन में बैंक पहुंच कर काम कराते हैं और सब ठीक रह जाने पर शुक्र मनाते वापस लौट जाते हैं। हमारी टीम ने शहर के कुछ बैंकों में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया, अधिकांश बैंकों सुरक्षा के इंतजाम हवा-हवाई मिले।

हमारी पड़ताल में फेल हुई ये बैंक

हमारी पड़ताल में दिखा की तहसील हैदरगढ़ के सुबेहा स्थित ग्रामीण बैंक आफ आर्यावत की शाखा मे लगभग रात सात बजे तक अन्दर लोगों का आना जाना लगा था। जब कि इस समय बाजार में सन्नाटा पसरा हुआ था और आस पास की सभी दुकानों पर ताले लटक गए थे।

जानकारी करने पर लोगो ने बताया कि यहाँ दिन मे तो दो होमगार्ड डूयूटी करते है। देर शाम इस बैंक में कोई सुरक्षा कर्मी नही दिखाई देते। ऐसे में कोई भी अपराधी अपने काम को आसानी से अंजाम दे सकता है।

सुरक्षा सम्बन्धी सवाल पूछने पर भड़क उठे शाखा प्रबंधक

जब इस सम्बंध में जब ग्रामीण बैंक आफ आर्यावत सुबेहा शाखा प्रबंधक अमित अवस्थी से बात की गई तो रौब झाडते हुए बोले कि पत्रकारों को बैंक परिसर की अंदर आने की कोई भी परमिशन नहीं है तथा देर शाम तक बैंक खुले होने के सवाल पूछने पर उन्होंने बताया कि हमारे ऊपर इतना काम को लेकर अधिक भार के चलते देर शाम तक बैंक खोलना पड़ता है।

एक खेल यह भी

वही इस मामले में कुछ स्थानीय लोगो ने बताया कि इस बैंक में दलाल और कमीशनखोरों की गहरी पैठ है और इनका दिन भर कमीशन देर शाम ही को तय होता है।

मामला चाहे जो हो लेकिन हैरत की बात है कि जहां पर प्रतिदिन लाखों रुपयों का लेनदेन होता हो, वहां पर सुरक्षा के कोई इंतजाम ही नहीं है।

यह है नियम

जानकारी के अनुसार बैंकों में सुरक्षा की दृष्टि से हथियारबंद गार्ड, फायर अलार्म, सायरन सिस्टम, हाट लाइन, सीसी टीवी कैमरा समेत स्केनर भी होने चाहिए, लेकिन किसी भी बैंक में अब तक स्केनर की सुविधा नहीं है, जिसके चलते आसामाजिक तत्वों भी बिना किसी रोकटोक के अंदर प्रवेश कर जाते हैं। सुरक्षा की दृष्टि से बैंक में सीसी टीवी कैमरे के साथ ही मेन गेट के बाहर हथियार से लैस सुरक्षा गार्ड तैनात किया जाना चाहिए और हितग्राहियों को पर्याप्त सुविधा मिलनी चाहिये।

रिपोर्ट@ राम मिश्रा / दिलीप तिवारी

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