सुशांत सिंह राजपूत के पिता के वकील और पूर्व एडिशनल सॉलिसीटर जनरल विकास सिंह ने मुंबई पुलिस पर एफआईआर दर्ज न करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा था कि पहले पटना पुलिस भी झिझक रही थी लेकिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और मंत्री संजय झा ने जब उन्हें मामला समझाया तो उन्होंने एफआईआर दर्ज की।

नई दिल्लीः सुप्रीम कोर्ट ने बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की जांच की मांग वाली जनहित याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। अदालत ने इस याचिका को खारिज कर दिया और कहा कि पुलिस को इस मामले की जांच करने दीजिए।

शीर्ष अदालत ने कहा कि याचिका दायर करने वाली याचिकाकर्ता अलख प्रिया का इस मामले में कोई लेना देना नहीं है। अदालत ने याचिकाकर्ता को कहा कि वह बॉम्बे हाईकोर्ट जाएं।

दूसरी तरफ, मुंबई पहुंची बिहार पुलिस ने सुशांत की बहन मीतू सिंह और उनके दोस्त महेश कृष्णा शेट्टी का बयान दर्ज किया। सुशांत की बहन ने बताया कि रिया ने सुशांत को पूरी तरह अपने वश में रखा हुआ था। उन्होंने कहा कि रिया उसे भूत-प्रेत की कहानियां सुनाती थी, ताकि वह घर खाली कर दे और उसने ऐसा ही किया।

वहीं, बिहार पुलिस अब सुशांत सिंह के बैंक खाते की जांच करेगी। साथ ही उन सभी डॉक्टरों से पूछताछ की जाएगी, जिन्होंने सुशांत का इलाज किया था।

इससे पहले, सुशांत सिंह राजपूत के पिता के वकील और पूर्व एडिशनल सॉलिसीटर जनरल विकास सिंह ने मुंबई पुलिस पर एफआईआर दर्ज न करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा था कि पहले पटना पुलिस भी झिझक रही थी लेकिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और मंत्री संजय झा ने जब उन्हें मामला समझाया तो उन्होंने एफआईआर दर्ज की।

विकास सिंह ने कहा था कि अब एफआईआर दर्ज हो चुकी है और परिवार सदमे में हैं। मुंबई पुलिस एफआईआर दर्ज नहीं कर रही है बल्कि वे उन्हें (सुशांत के परिवार) बड़े प्रोडक्शन हाउस के नाम देने और उन्हें इसमें शामिल करने को बोल रही है। यह अब एक अलग दिशा में जा रहा है।

उन्होंने आगे कहा था कि पटना पुलिस पहले थोड़ी हिचकिचा रही थी लेकिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और मंत्री संजय झा ने उन्हें मामला समझाया और एफआईआर दर्ज की गई। हम चाहते हैं कि इस मामले की जांच पटना पुलिस करे। परिवार ने अभी तक सीबीआई जांच की मांग नहीं की है।