एनसीपी प्रमुख पवार ने कहा, मैंने महाराष्ट्र और मुंबई पुलिस को 50 साल से देखा है। दूसरों ने उनपर क्या आरोप लगाए है, मैं उसपर कुछ नहीं कहूंगा। अगर किसी को लगता है कि सीबीआई या कोई और जांच महत्वपूर्ण है तो मैं इसका विरोध नहीं करूंगा।

मुंबई : अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत केस में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) प्रमुख शरद पवार ने कहा कि उन्हें महाराष्ट्र और मुंबई पुलिस पर पूरा भरोसा है। साथ ही पवार ने कहा कि एक व्यक्ति की आत्महत्या पर आखिर इतनी चर्चा क्यों हो रही है।

एनसीपी प्रमुख पवार ने कहा, मैंने महाराष्ट्र और मुंबई पुलिस को 50 साल से देखा है। दूसरों ने उनपर क्या आरोप लगाए है, मैं उसपर कुछ नहीं कहूंगा। अगर किसी को लगता है कि सीबीआई या कोई और जांच महत्वपूर्ण है तो मैं इसका विरोध नहीं करूंगा।

पवार ने आगे कहा, यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक व्यक्ति ने आत्महत्या कर ली और उसकी मृत्यु हो गई, लेकिन इसकी इतनी चर्चा क्यों हो रही है? मुझे नहीं लगता कि यह इतना बड़ा मुद्दा है। एक किसान ने मुझे बताया कि 20 से अधिक किसान आत्महत्या कर चुके हैं, लेकिन किसी ने किसानों की खुदकुशी की चर्चा नहीं की।

वहीं, पार्थ पवार की मांग को लेकर शरद पवार ने कहा कि हम पार्थ पवार की मांग को महत्व नहीं देते, क्योंकि वह अपरिपक्व हैं। बता दें कि पिछले दिनों ही महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के बेटे और एनसीपी प्रमुख शरद पवार के पोते पार्थ पवार ने गृह मंत्री अनिल देशमुख से मिलकर इस केस की सीबीआई जांच की मांग की थी। पार्थ पवार ने कहा था कि सुशांत सिंह राजपूत की मौत की सही जांच होनी चाहिए, यह पूरे देश, विशेषकर युवाओं की भावना है।

शरद पवार से पहले राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) नेता माजिद मेमन ने अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत मामले पर कहा है कि वह अपने जीवनकाल के दौरान उतने प्रसिद्ध नहीं थे, जितना कि वह मरने के बाद हो गए हैं। मेमन ने मीडिया में अभिनेता की मौत पर उठाए जा रहे मुद्दों को लेकर सवाल खड़ा किया है। एनसीपी नेता ने ट्वीट कर कहा, ‘सुशांत अपने जीवनकाल के दौरान उतने प्रसिद्ध नहीं थे जितना कि वह मौत के बाद हो गए। मीडिया में वह स्थान जिस पर आजकल वह काबिज हैं, हमारे पीएम या अमेरिका के राष्ट्रपति से कहीं अधिक है!’

पूर्व राज्यसभा सदस्य माजिद मेमन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से कहीं ज्यादा मीडिया का ध्यान अब सुशांत पर है। वह उनके मामले को ज्यादा स्पेस दे रही है।मेमन ने कहा, ‘जब कोई अपराध जांच चरण में होता है, तो गोपनीयता को बनाए रखना पड़ता है। महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र करने की प्रक्रिया में उठाए जा रहे हर कदम को सार्वजनिक करना सच्चाई और न्याय के हित पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है।’