INDIA-CHINA-MILITARY-BORDERचीन अपने रक्षा तंत्र को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से इस वर्ष सैन्य खर्च में 7.6 प्रतिशत की वृद्धि करेगा। चीन की सरकार ने आज घोषणा की कि वह इस वर्ष सेना पर 146.67 बिलियन डॉलर खर्च करेगी। हालांकि पिछले छह वर्ष में यह उसके रक्षा बजट में सबसे कम वृद्धि है ! चीन ने आर्थिक गतिरोधों और पिछले साल सेवारत लोगों की संख्या में भारी गिरावट के बीच रक्षा बजट में इस वृद्धि की घोषणा की है।

चीन की नेशनल पीपुल्स कांग्रेस के वार्षिक सत्र में पेश बजट रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार की योजना 2016 का रक्षा बजट 7.6 प्रतिशत बढ़ाकर 954 अरब युआन (लगभग 146 अरब डॉलर) करने की है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, पिछले साल रक्षा बजट में 10.1 प्रतिशत की वृद्धि की गई थी। चीन इस बढ़ोतरी के बाद रक्षा पर सर्वाधिक खर्च करने वाला दूसरा सबसे बड़ा देश बन गया है।

वहीँ चीन ने 2016 में एक करोड़ नए रोजगारों के सृजन और पंजीकृत शहरी बेरोजगारी दर 4.5 प्रतिशत के दायरे में बनाए रखने का लक्ष्य रखा है। प्रधानमंत्री ली केकियांग ने शनिवार को नेशनल पीपुल्स कांग्रेस के वार्षिक सत्र के दौरान सरकार के कार्य विवरण को पेश किया।

इन लक्ष्यों में पिछले साल के मुकाबले बदलाव नहीं किया गया है। संपत्ति बाजार में गिरावट, उद्योगों की जरूरत से अधिक क्षमता और कमजोर वैश्विक मांग की वजह से अर्थव्यवस्था पर दबाव पड़ा है। पिछले साल देश की अर्थव्यवस्था 6.9 प्रतिशत बढ़ी थी। 2016 का विकास दर का लक्ष्य 6.5 प्रतिशत से 7 प्रतिशत के बीच रखा गया है। चीन की अर्थव्यवस्था परिवर्तन के बुरे दौर में है। यह निवेश से हटकर घरेलू खपत, सेवाओं और नवाचारों पर केंद्रित हो गई है। इस उद्देश्य को हासिल करने के लिए देश को सरकारी उद्यमों विशेष रूप से कोयला और इस्पात क्षेत्रों में कटौती करनी होगी।

[इंटरनेट डेस्क]