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नकली नोटों का कारोबार करने वालों को 10 साल की सजा

Untitled_0009 062खंडवा – नकली नोटों का कारोबार करने वाले एक गिरोह के 8 सदस्यों को आज खंडवा जिला न्यायालय ने 7 साल की सजा सुनाई वाही मुख्य आरोपी को 10 साल की सजा का ऐलान किया। नकली नोट के कारोबार का यह मामला तीन साल पुराना है। खंडवा के छैगांव थाना पुलिस ने एक मारूति वेन से उस समय लगभग पंद्रह हजार रूपये के नकली नोट पकडे थे। बाद में आरोपियों की निशानदेही पर मुख्य आरोपी से नकली नोट बनाने वाले उपकरण जप्त किये गए थे। आरोपी नकली नोटों का कारोबार पुरे प्रदेश में चलते थे।

 छैगांव पुलिस को मुखबिर से मिली सुचना के आधार पर इंदौर की और से आरही मारुती वेन को जब रोका कर तलाशी ली गई तो वेन में छुपा कर रहे पंद्रह हजार रूपये बरामद हुए। उस समय वेन में पांच लोग सवार थे। पांचो आरोपियों पर पुलिस ने केस दर्ज कर मामला पंजीबद्ध कर लिया। आरोपियों से पूछताछ जब कड़ी पूछताछ की गई तो उज्जैन निवासी शैलेन्द्र पावर का नाम सामने आया पुलिस ने जब शैलेन्द्र को धार दबोचा तब पूरा मामला साफ हो गया। शैलेन्द्र ही नकली नोट छाप कर सभी आरोपियों के बाजार में चलाने के लिए देता था। पुलिस की पूछताछ में सभी ने मुख्य आरोपी शैलेन्द्र का ही नाम लिया।न्यायालय ने भी शैलेन्द्र निवासी उज्जैन को मुख्य आरोपी मान कर 10 साल और दिलीप सिंह निवासी खरगोन ,महेश बैरागी धार ,मुकेश बंजारा रतलाम ,जगदीश बसना धार ,शांतिलाल बसंत सनावद ,नेपालसिंह धार ,नारायण सिंह सनावद और संतोष हरिराम उज्जैन को 7 साल और दो हजार रूपये जुर्माने की सजा सुनाई है।

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