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ट्रांस्पोर्ट घोटाला CBI जांच शुरू शिवराज की मुश्किलें बढ़ी

CBI

भोपाल– बहुचर्चित ट्रांस्पोर्ट भर्ती घोटाला जिसमें कतिथ रूप से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की पत्नी साधना सिंह और साले संजय सिंह की भागीदारी रही है कि जांच सीबीआई ने प्राथमिकता के आधार पर शुरू कर दी है। सीबीआई के एक ​सीनियर अफसर ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि, राजनैतिक दवाब के चलते राज्य स्तरीय स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने जांच के नाम पर आज तक सिर्फ रस्म अदायगी करती रही है।

सीबीआई अफसर ने इस बात का भी खुलासा किया कि प्राथमिक जांच में ही हाई प्रोफाइल लोगों की इस भर्ती घोटाले में लिप्तता नजर आ रही है। विदित हो​ कि एसटीएफ ने व्यापमं फर्जीवाड़े की जांच जुलाई 2013 में शुरू की थी। मगर इस बहुचर्चित और बदनाम ट्रांस्पोर्ट भर्ती घोटाले की जांच कतिथ राजनितिक दवाब के चलते आगे नहीं बड़ पाई थी।

व्यापमं द्वारा ट्रासपोर्ट महकमें के लिए 198 कांस्टेबलों की पोस्ट के लिए 2012 में व्यापमं द्वारा भर्ती परीक्षा कराई गई थी। इस भर्ती परीक्षा में 198 पोस्ट की जगह 332 उम्मीदवारों का चयन हो गया था। चयनित उम्मीदवारों में से ज्यादातर उम्मीदवार गोंदिया महाराष्ट्र से थे। गोंदिया सीएम की पत्नी साधना सिंह का मायका है। इस भर्ती में कुछ उम्मीदवारों का चयन कराने के लिए भर्ती मानदण्डों में बदलाव किया गया था।

यहां तक की कुछ चुनिंदा उम्मीदवारों का फिजिकल टेस्ट भी नहीं कराया गया था। आरोप यह लगे थे कि ज्यादातर उम्मीदवारों का चयन मुख्यमंत्री की पत्नी साधना सिंह और साले संजय सिंह की कतिथ सिफारिश पर हुआ है। एसटीएफ ने कांग्रेस के भारी दवाब के चलते व्यापमं द्वारा आयोजित इस ट्रासपोर्ट कांस्टेबल भर्ती परीक्षा घोटाले की एफआईआर अक्टूबर 2014 में दर्ज कर ली थी मगर जांच के नाम पर एसटीएफ आज तक सिफर है।

एसटीएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जिस घोटाले में सीएम हाउस से जुड़े लोगों का नाम हो उसकी जांच कैसे आगे बढ़ सकती है। कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता केके मिश्रा ने बात करते हुए आरोप लगाया कि इस घोटाले में सीधे तौर पर मुख्यमंत्री की पत्नी साधना सिंह और साले संजय सिंह का इनवोल्वमेंट हैं।

मिश्रा ने कहा कि व्यापमं द्वारा आयोजित परीक्षाओं में हुए घोटालों में यह सबसे बदनाम घोटाला है और इसमें करोड़ों का लेनदेन सीएम हाउस से हुआ है।  जानकारी के अनुसार सीबीआई ने इस घोटाले की जांच की शुरूआत व्यापमं अधिकारियों द्वारा आॅप्टिकल माक्स​ रिक्गनेशन (OMR)आन्सर शीट्स में छेड़छाड़ से शुरू कर दी है। सीबीआई को एक समय सीमा में यह जांच पूरी करने की हिदायत दी गई है। –  इंडिया वन समाचार

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