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रायपुर : छतीसगढ़ में विधानसभा चुनाव के पहले नक्सलियों ने सुरक्षाबलों पर आईईडी हमला कर माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया है। राज्य के कांकेर जिले में हुए नक्सली हमले में बीएसएफ के एक वाहन को निशाना बनाया गया है। वहीं दूसरी ओर से बीजापुर जिले में सुरक्षाबलों ने एक मुठभेड़ के बाद एक नक्सली को मार गिराया है।

छतीसगढ़ में विधानसभा चुनाव के पहले चरण की वोटिंग से एक दिन पहले नक्सलियों ने कांकेर में बीएसएफ को निशाना बनाते हुए सीरियल ब्लास्ट किया है। इस हमले में बीएसएफ का एक SI शहीद हो गया है। उन्‍हें एयरलिफ्ट कर रायपुर ले जाया गया था जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। वहीं, बीजापुर में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ में एक नक्सली ढेर हुआ है, जबकि एक अन्य को गिरफ्तार किया गया है। बता दें कि पिछले 10 दिनों में सुरक्षाबलों ने छत्तीसगढ़ के बस्तर रिजन में 300 से ज्यादा IED बरामद किए हैं।

राज्य के कांकेर जिले में रविवार को नक्सलियों ने बीएसएफ की एक सर्च टीम पर IED के जरिए हमला किया। बीएसएफ की एक पट्रोलिंग टीम सुबह कोयलीबेड़ा इलाके में पट्रोलिंग के लिए निकली थी। इसी दौरान नक्सलियों ने उन्हें निशाना बनाते हुए एक के बाद एक 6 IED ब्लास्ट कर दिए। ब्लास्ट की चपेट में बीएसएफ का एक वाहन भी आ गया। घटना के बाद इलाके में बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन शुरू कराया गया। बता दें कि एक दिन बाद 12 नवंबर को यहां पर विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग कराई जानी है।

ऐंटी-नक्सल ऑपरेशंस के डीआईजी पी. सुंदराज ने बताया कि हमले में बीएसएफ में SI महिंदर सिंह जख्मी हो गए थे। उन्‍‍‍‍‍हें एयरलिफ्ट कर रायपुर ले जाया गया जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। उन्होंने बताया कि इलाके में हालात अब सामान्य हैं। सुरक्षा बल सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं।

इसके अलावा छतीसगढ़ के बीजापुर जिले में भी बीते दिनों हुए तमाम नक्सली हमलों के बाद रविवार को माओवादियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़ हुई है। इस एनकाउंटर के दौरान एक नक्सली को मार गिराया गया है, जबकि एक अन्य को सुरक्षाबलों ने गिरफ्तार किया है। इन माओवादियों के पास से भारी मात्रा में असलहे और विस्फोटक बरामद किए गए हैं। बता दें कि बीजापुर में हाल ही में कई बड़े नक्सली हमले हुए थे। बीते 6 नवंबर को ही बीजापुर के उसूर गांव के करीब नक्सलियों ने यात्री बस में आग लगा दी थी। इससे पहले 27 अक्टूबर को बीजापुर में नक्सलियों ने यहां पर सीआरपीएफ की एक रोड ओपनिंग पार्टी पर हमला किया था। इस घटना में 4 जवान शहीद हुए थे।

गौरतलब है कि छतीसगढ़ विधानसभा चुनाव के क्रम में सोमवार को तमाम नक्सल प्रभावित इलाकों में वोटिंग कराई जानी है। इस चुनाव के लिए प्रचार अभियान शनिवार शाम 5 बजे बंद हो चुका है। बस्तर और राजनंदगांव की 18 सीटों पर सोमवार को मतदान होना है। नक्सल प्रभावित बस्तर के 20.4 लाख वोटर्स ने इस बार उम्मीदवारों पर विश्वास जताएंगे। ये वोटर्स सेकंड फेज के 20 नवंबर को होने वाले चुनाव में वोट डालेंगे। स्तर के 12 विधानसभा क्षेत्रों में से 15,00 पोलिंग बूथों, लगभग 74 फीसदी पर लाल आतंक का खतरा मंडराता है। पुलिस ने इन पोलिंग बूथों को अति संवेदनशील बूथों में रखा है। जब से यहां आचार संहिता लगी है तब से लेकर अब तक यहां तीन नक्सलवादी हिंसाएं हो चुकी हैं।