साधुओं की धारदार हथियार से निर्मम हत्या, आरोपी बोला- भगवान की इच्छा थी

 

डीएम ने घटना में तलवार या अन्य धारदार हथियार के इस्तेमाल संबंधी सवाल पर कहा कि आरोपियों ने पूछताछ में खुलासा किया है कि दोनों साधुओं की हत्या डंडे से पीटकर की गई है। चूंकि दोनों घटना के वक्त भी नशे में थे। गिरफ्तार किए जाने के बाद भी वे नशे में थे।


यूपी के बुलंदशहर में सोमवार की देर रात दो साधुओं की हत्या मामले में जिले के डीएम ने सनसनीखेज खुलासा किया है।

डीएम ने घटना को लेकर आज प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने कहा कि साधुओं की हत्या के आरोपियों ने पूछताछ में कहा कि भगवान की इच्छा थी, इसलिए डंडे से पीट-पीटकर दोनों साधुओं को मार डाला।

अनूपशहर थाने में डीएम ने मीडिया के साथ बातचीत में कहा कि दोनों आरोपियों से पूछताछ के बाद अपराध कुबूल किया है।

उन्होंने कहा कि घटना के पीछे आपसी रंजिश का मामला नहीं है। दोनों आरोपी नशे में थे, पुलिस उनसे विस्तृत पूछताछ कर रही है।

डीएम ने घटना में तलवार या अन्य धारदार हथियार के इस्तेमाल संबंधी सवाल पर कहा कि आरोपियों ने पूछताछ में खुलासा किया है कि दोनों साधुओं की हत्या डंडे से पीटकर की गई है। चूंकि दोनों घटना के वक्त भी नशे में थे। गिरफ्तार किए जाने के बाद भी वे नशे में थे।

इसी दौरान पूछताछ में आरोपियों ने कहा कि भगवान की इच्छा थी। रात में वे मंदिर गए थे। वहां साधुओं के पास डंडा पड़ा था, जिससे उन्होंने उनकी हत्या कर दी।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने ग्राम पगौना, थाना अनूपशहर, जनपद बुलंदशहर में हुई हत्या की घटना का संज्ञान लिया है।

उन्होने जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को तुरंत मौके पर पहुँच कर घटना के सम्बन्ध में विस्तृत आख्या देने तथा दोषियों के विरुद्ध सख्त से सख्त कार्यवाई सुनिश्चित करने निर्देश दिए हैं।

जानकारी के मुताबिक बुलंदशहर के अनूपशहर कोतवाली के गांव पगोना में स्थित शिव मंदिर पर पिछले करीब 10 वर्षों से साधु जगनदास उम्र (55) वर्ष और सेवादास (35) रहते थे। दोनों साधु मंदिर में रहकर पूजा-अर्चना में लीन रहते थे।

सोमवार की देर रात मंदिर परिसर में ही दोनों साधुओं की हत्या कर दी गई। मंगलवार सुबह जब ग्रामीण मंदिर में पहुंचे तो उन्हें साधुओं के खून से लथपथ शव पड़े मिले। इसे देखकर बड़ी संख्या में ग्रामीण मंदिर पर पहुंचे।