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UP Investors Summit 2018: यूपी में देश की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की क्षमता – राष्ट्रपति

लखनऊ : दो दिवसीय उत्तर प्रदेश इन्वेस्टर्स समिट 2018 गुरुवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के संबोधन के साथ संपन्न हो गया। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में चल रहे इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति का मंच पर राज्यपाल राम नाईक और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित कई बड़े नेताओं ने स्वागत किया। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने यूपी इन्वेस्टर्स समिट 2018 के आयोजन के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बधाई दी।

राष्ट्रपति ने कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के प्रयास से यूपी को एक मजबूत आधार मिला है। राष्ट्रपति ने कहा कि यूपी के विकास से ही भारत के विकास को दिशा मिलेगी।

राष्ट्रपति ने कहा कि उत्तर प्रदेश विशेष भौगोलिक स्थिति संपदा और नौजवानों के कारण और संभावनाओं के द्वार खोलता है। यूपी हमारे देश में संस्कृति और राजनीति का महत्वपूर्ण केंद्र है। देश के कई प्रधानमंत्री चुनकर यहीं से संसद में गए, जिन्होंने लगातार वर्षों तक देश का नेतृत्व किया है। संयोग से मेरा जन्म और व्यक्तित्व निर्माण भी उत्तर प्रदेश की पावन धरती पर ही हुआ है। उन्होंने कहा कि मॉरिशस का उत्तर प्रदेश के साथ आने का निर्णय उत्तर प्रदेश के साथ उनके देश के लिए भी लाभकारी होगा।

राष्ट्रपति ने कहा कि उद्यमियों ने उत्तर प्रदेश में पूंजी लगाने का जो उत्साह दिखाया है, उसके कई कारण हैं। इस प्रदेश में देश के सबसे बड़ी राज्य अर्थव्यवस्था बनने की क्षमता है। कानून-व्यवस्था के मामले में भी राज्य सरकार ने दृढ़ता से परिचय दिया है।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश के बारे में प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति से विकास के बावत समय-समय पर मार्गदर्शन मिलता रहता है। साथ ही सीएम ने कहा कि उत्तर प्रदेश की आवश्यकता के अनुरूप वित्त मंत्री अरुण जेटली का भी मार्गदर्शन मिलता रहता है।सीएम ने कहा कि उत्तर प्रदेश प्राचीन काल से धार्मिक आध्यात्मिक और औद्योगिक क्षेत्र रहा है। यह आयोजन अपने आपमें पहला और अद्भुत आयोजन है, जो राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मंच पर यूपी को प्रस्तुत कर सकता है।

उन्होंने कहा कि अभी हमारी सरकार को प्रदेश में कार्य करते हुए 11 महीने का समय हुआ है। हमारा रोडमैप क्या हो, हमारे विकास की योजनाएं क्या हों, जो कि प्रदेश के प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंच सकें। इसके लिए जो कार्य योजना बनाने की तैयारी की तो किसानों, वंचितों, नौजवानों, महिलाओं को विकास की योजनाओं के साथ जोड़ने और इसका लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति पहुंचाने की पहली कड़ी थी। 24 जनवरी को उत्तर प्रदेश के स्थापना दिवस के अवसर पर वन डिस्ट्रिक्ट प्रोजेक्ट योजना पर ध्यान केंद्रित किया गया।

योगी ने बताया कि दो दिवसीय इन्वेस्टर्स समिट के दौरान 1045 एमओयू को सहमति दी गई है। मैं निवेशकों को इस बात के लिए आवश्यक आश्वस्त करता हूं कि उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था देश के अंदर बेहतरीन है और साथ ही जिस सिंगल विंडो पोर्टल को कल पीएम ने लांच किया है यह देश का पहला पोर्टल है जिससे एक स्थान पर बैठकर हर निवेशक निवेश की सुविधा का लाभ पा सकता है।

वहीं, केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि उत्तर प्रदेश के एजेंडा को बदलने का इन्वेस्टर्स समिट बहुत बड़ा प्रयास है। सरकार बदलती है, मुख्यमंत्री बदलते हैं, लेकिन हर बदलाव से प्रांत की स्थिति में कोई परिवर्तन नहीं आता है। यह आवश्यक नहीं है। जेटली ने कहा कि जब इतिहास लिखा जाता है तो हर नेतृत्व की पहचान इससे याद रहती है कि वह अपने पांव की छाप किस दिशा में छोड़ कर गया है। योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार एक नया इतिहास लिखने का काम कर रही है।

योगी यहां चर्चा के विषय बदल रहे हैं, सोच में परिवर्तन हुआ है, भाषा और शैली में भी परिवर्तन हुआ है। निवेशकों का सम्मेलन करने से किसी भी प्रांत या देश या समाज की आर्थिक स्थिति का पहला परिवर्तन आरंभ होता है। जब निवेशक यह तय करता है कि वह निवेश के लिए देश के किस प्रांत को चुने तो वैश्विकरण के इस युग में केवल यही च्वॉइस उसके मन में नहीं है। साथ ही विश्व के किस देश को चुने यह भी च्वॉइस उसको करनी है। इसलिए जब तक मैं अपने देश या अपने प्रांत को उस निवेशक के लिए आकर्षक नहीं बना सकता है तो निवेशक नहीं आएगा।

निवेशक उस प्रांत में जाता है जहां का नेतृत्व उस प्रांत को भ्रष्टाचार से मुक्त करने की क्षमता रखता है। यह क्षमता भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निवेशकों को दिखाई। यहां कानून-व्यवस्था में पिछले 11 महीने में मुख्यमंत्री ने साबित कर दिया है कि उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था अच्छी तरीके से स्थापित हो सकती है। इसलिए जिस दिशा में आप ले जा रहे हैं मुझे पूरा विश्वास है कि यह जो कदम आपने उठाया है यह प्रदेश में अर्थव्यवस्था के अंदर एक बड़ा परिवर्तन लाने में सफल होंगे। जेटली ने यह भी कहा कि राजनीतिक स्थिरता को उत्तर प्रदेश में कोई चुनौती नहीं है।

उत्तर प्रदेश के हर जिले में एक चीज का कलस्टर नजर आता है और उपभोक्ता सबसे अधिक उत्तर प्रदेश में हैं। दिल्ली के साथ सबसे निकटतम नजदीकी उत्तर प्रदेश की है और इसलिए उसका विस्तार करना चुनौती का कार्य नहीं है।जेटली ने कहा कि आने वाले पांच-छह वर्षों में उत्तर प्रदेश में कम से कम 15-20 शहरों का इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़िया किया जा सकता है।

इस अवसर पर राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि उत्तर प्रदेश में यह पह​ली बार यूपी इंवेस्टर्स समिट हुई ​है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में यूपी इंवेस्टर्स समिट उत्तर प्रदेश के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में ​लिखी जाएगी।कार्यक्रम में केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली और केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री विजय सिंह भी मौजूद हैं। कार्यक्रम के आरंभ में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत की। राज्यपाल मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्रियों सहित अन्य अतिथियों ने भी दीप प्रज्ज्वलन कार्यक्रम में हिस्सा लिया।

इस दौरान उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। सीएम योगी ने राष्ट्रपति को शॉल ओढ़ाकर और स्मृति चिन्ह प्रदान कर उनका अभिनंदन किया। इसके साथ ही योगी ने मॉरीशस के पूर्व प्रधानमंत्री अनिरुद्ध जगन्नाथ को शॉल ओढ़ाकर और स्मृति चिन्ह देकर उनका भी अभिनंदन किया।

उन्होंने वित्त मंत्री अरुण जेटली को शॉल ओढ़ाकर और स्मृति चिन्ह देकर उनका भी अभिनंदन किया। जबकि औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना ने राज्यपाल राम नायक को शॉल ओढ़ाकर और स्मृति चिन्ह देकर अभिनंदन किया, वहीं उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने जनरल वी के सिंह का अभिनंदन किया।

@एजेंसी /शाश्वत तिवारी

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