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बम टेस्ट: पाकिस्तान ने की थी नॉर्थ कोरिया की मदद

Hydrogen bomb testनई दिल्ली – संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने हाइड्रोजन बम परीक्षण के चलते उत्तर कोरिया के खिलाफ नई पाबंदी लगाने की चेतावनी दी है। विश्व निकाय ने प्योंगयोंग के इस कदम की कड़ी निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा को स्पष्ट खतरा बताया है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने हाइड्रोजन बम परीक्षण के लिए उत्तर कोरिया की कड़ी आलोचना करते हुए कहा है कि ऐसा करके उसने संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों का उल्लंघन किया है। वहीं नार्थ कोरिया के तानाशाह किम ने कहा था कि धमाके से करो 2016 का स्वागत।

आपको बता दें कि 90 के दशक में पाकिस्तान ने नॉर्थ कोरिया को न्यूक्लियर वेपन बनाने में मदद की थी। एक विदेश अखबार के मुताबिक पाकिस्तान के बदनाम साइंटिस्ट ने 1990 से 1998 के बीच नॉर्थ कोरिया को न्यूक्लियर बम बनाने में मदद की थी। इस दौरान हर महीने नॉर्थ कोरिया के दो प्लेन पाकिस्तान में उतरते थे। खान के सीक्रेट्स के बदले मिसाइल टेक्नोलॉजी का लेनदेन हुआ था। हालांकि खान ने जब टेलिविजन के सामने यह कबूल किया था कि उन्होंने टेक्नोलॉजी बेची थी तो, इसमें पाकिस्तान का हाथ नहीं था। उसके बाद प्रेसिडेंट परवेज मुशर्रफ ने 2004 में उन्हें माफ किया था।

उत्तर कोरिया के हाइड्रोजन बम परीक्षण करने के दावे के बाद सुरक्षा परिषद ने इस मामले को लेकर बुधवार को अमरीका, जापान और दक्षिण कोरिया के साथ एक आपात बैठक की। बैठक के बाद सुरक्षा परिषद ने एक बयान में उत्तर कोरिया की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि उत्तर कोरिया ने यह परीक्षण करके संयुक्त राष्ट्र के पहले के प्रस्तावों का उल्लंघन किया है। परिषद ने कहा कि उत्तर कोरिया की इस विध्वसंक पहल से निपटने के तरीकों पर जल्द ही काम शुरू किया जाएगा। उत्तर कोरिया ने चौथी बार भूमिगत परीक्षण किया है।

हालांकि कुछ विशेषज्ञों ने हाइड्रोजन बम के परीक्षण पर उत्तर कोरिया की क्षमता पर संदेह जताया है। वहीं वॉशिंगटन में व्हाइट हाउस के प्रवक्ता जोश अर्नेस्ट ने कहा है कि उत्तर कोरिया अगर इसी तरह उकसावे की कार्रवाई करता रहा तो वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहले से कहीं अधिक अलग-थलग पड़ जाएगा। उन्होंने कहा कि अधिकारी उत्तर कोरिया के खिलाफ कार्रवाई को लेकर चीनी अधिकारियों के साथ गहन विचार-विमर्श कर रहे हैं।

उधर, अमरीका के विदेश मंत्री जॉन कैरी ने उत्तर कोरिया द्वारा किए गए हाइड्रोजन बम के सफलतापूर्वक परीक्षण के बाद इस मामले पर विश्व समुदाय के चिंताओं के मद्देनजर जापान के विदेश मंत्री फेमिओ किशिदा से चर्चा की। अमरीकी विदेश विभाग की ओर से जारी बयान के अनुसार, कैरी ने दोनों देशों की सुरक्षा के लिए एक दूसरे की प्रतिबद्धता को दोहराया और उत्तर कोरिया द्वारा किए गए हाइड्रोजन बम के परीक्षण पर कार्रवाई के तहत एक एकीकृत अंतरराष्ट्रीय सहयोग के महत्व पर जोर दिया।

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