rahul gandhi modiनई दिल्ली – कांग्रेस के 25 सांसदों को लोकसभा से सस्पेंड किए जाने के विरोध में मंगलवार को संसद में जमकर बवाल हुआ। ‘तानाशाही बंद करो’ और ‘हमें न्याय दो’ के नारों के साथ विपक्षी पार्टियों के सांसदों ने राज्यसभा की कार्यवाही नहीं होने दी। नतीजतन, राज्यसभा को 12 बजे तक स्थगित करना पड़ा। हालांकि, लोकसभा में कार्यवाही जारी रही।

दूसरी तरफ, कांग्रेस के सांसदों ने संसद परिसर में ही धरना दिया। इसमें, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से लेकर सोनिया गांधी और राहुल गांधी तक सभी दिग्गज नेता शामिल हुए।

इस दौरान, संसदीय दल की बैठक में बीजेपी ने भी कांग्रेस पर पलटवार करने की योजना बनाई और कांग्रेस के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पास किया। उधर, धरने पर बैठीं सोनिया गांधी ने कहा, ‘जिस तरह से उन्होंने हमारे सांसदों को सस्पेंड किया, यह लोकतंत्र के खिलाफ है।’ उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र की हत्या है।

राहुल गांधी ने मीडिया से बात करते हुए कहा, ‘संसद में जो किया जा रहा है, वह महज सिंबल है। यही पूरे देश के साथ हो रहा है। इंटरनेट के साथ किया जा रहा है, स्टूडेंट्स के साथ किया जा रहा है। किसानों के साथ किया जा रहा है।’

राहुल ने कहा, ‘हम इन पर प्रेशर नहीं कम करेंगे। चाहे हम सभी को ये लोग संसद से उठाकर फेंक दें। व्यापम घोटाले ने हजारों युवाओं का भविष्य बर्बाद किया है, इस बात के पुख्ता सबूत हैं कि सुषमा स्वराज ने कानून तोड़ा है और वसुंधरा राजे भी ललित मोदी को आर्थिक लाभ पहुंचाने का काम किया।’

राहुल ने यह भी कहा कि वह सुषमा, वसुंधरा और शिवराज सिंह चौहान के इस्तीफे की मांग नहीं कर रहे हैं। राहुल ने कहा, ‘कांग्रेस उनके इस्तीफे की मांग नहीं कर रही है। यह देश की जानता मांग कर रही है। मैंने यह पहले भी कहा है, आज कह रहा हूं और आगे भी यही कहूंगा।’

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