यूपी: शिक्षा अधिकार अधिनियम नियमावली में कई खामियां - Tez News
Home > India News > यूपी: शिक्षा अधिकार अधिनियम नियमावली में कई खामियां

यूपी: शिक्षा अधिकार अधिनियम नियमावली में कई खामियां

 

DEMO PIC

DEMO PIC

लखनऊ- उत्तरप्रदेश के चालू विधानसभा बजट सत्र में बहुजन समाज पार्टी ने आगरा में हुई एक दलित कर्मचारी की हत्या का मामला उठाया। बी.एस.पी के विधायकों ने सदन के वेल में आकर प्रदर्शन किया और शासन से मृतक के परिजनों को 20 लाख रुपये मुआवजा में देने की माँगा की।

बसपा द्वारा विधानसभा में उठाया गया यह मामला आगरा की अम्बेडकर युनिवर्सिटी में कार्यरत लिपिक सतेन्द्र कुमार का है। जिनकी विगत 13 फरवरी को दबंगों द्वारा गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। विपक्ष ने आरोप लगाया कि स्थानीय प्रशासन ने अब तक कोई कार्यवाही नहीं की है। शासन की ओर से जवाब में संसदीय कार्य मंत्री मोहम्मद आजम खाँ ने विपक्ष द्वारा उठाये गये इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री से बात कर कार्यवाही करने की बात कही।

विधानसभा में कांग्रेस के विधायक पंकज मलिक ने जे.एन.यू. अध्यक्ष कन्हैया कुमार की जवान काटकर लाने वाले को भाजपा नेता द्वारा इनाम देने की घोषणा मामले पर कार्यवाही की माँग की। जवाब में संसदीय कार्य मंत्री आजम खाँ ने माना कि कुछ लोग देश का महौल खराब करना चाहते हैं। मंत्री ने इस मुद्दे पर जाँच कराये जाने की बात कही।

विधान सभा में भाजपा के वरिष्ठ नेता सतीश महाना ने भूगर्भ जल सतह के लगातार नीचे जाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने इस मुद्दे पर गहरी चिंता जताते हुए संदन में इस विषय पर चर्चा की माँग की।

विधानसभा में भाजपा के वरिष्ठ नेता डा. राधामोहन अग्रवाल ने सर्वशिक्षा अभियान के अन्तर्गत शिक्षा अधिकार अधिनियम की नियमावली में कई खामियों का जिक्र करते हुए गहरी चिंता जताई। उनका कहना था कि प्रदेश सरकार ने नियमावली बनाते वक्त केन्द्र सरकार द्वारा दिये गए दिशा-निर्देशों के साथ-

सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का भी पालन नहीं किया है। इसके लिए जिम्मेदार दोषी अधिकारियों पर शख्त कार्यवाही की जानी चाहिए। बीजेपी ने प्रदेश में सर्वशिक्षा अभियान अधिनियम में संशोधन व इस नियमावली के मूलभूत उद्देश्य की पूर्ति पर बल दिया है।

ऽ आज प्रदेश की विधानसभा में कई महत्वपूर्ण विभागों के 2016-17 के आय-व्यय के अनुदानों (बजट) को पेश किया गया। आज पेश हुए बजट में अनुदान संख्या-13-कृषि तथा अन्य सम्बद्ध विभाग (ग्राम्य विकास) के अन्तर्गत होने वाले परिव्ययों को चुकाने के लिए आवश्यक धनराशि की पूर्ति के लिए 1,32,12,95,25,000 रुपये से अधिक धनराशि स्वीकृत हुई।

ऽ अनुदान संख्या-89-संस्थागत वित्त विभाग (वाणिज्य कर) के अन्तर्गत होने वाले परिव्ययों को चुकाने के लिए आवश्यक धनराशि की पूर्ति के लिए 6,16,55,04,000 रुपये से अधिक धनराशि स्वीकृत हुई।

ऽ अनुदान संख्या-15-कृषि तथा अन्य सम्बद्ध विभाग (पशुधन) के अन्तर्गत होने वाले परिव्ययों को चुकाने के लिए आवश्यक धनराशि की पूर्ति के लिए 12,42,26,95,000 रुपये से अधिक धनराशि स्वीकृत की हुई।

ऽ अनुदान संख्या-11-कृषि तथा अन्य सम्बद्ध विभाग (कृषि) के अन्तर्गत होने वाले परिव्ययों को चुकाने के लिए आवश्यक धनराशि की पूर्ति के लिए 42,61,32,20,000 रुपये से अधिक धनराशि स्वीकृत हुई।

ऽ अनुदान संख्या-6-उद्योग विभाग (हथकरधा उद्योग) के अन्तर्गत होने वाले परिव्ययों को चुकाने के लिए आवश्यक धनराशि की पूर्ति के लिए 2,67,64,19,000 रुपये से अधिक धनराशि स्वीकृत हुई।

ऽ अनुदान संख्या-10-कृषिा तथा अन्य सम्बद्ध विभाग (औद्योगिक एवं रेशक विकास) के अन्तर्गत होने वाले परिव्ययों को चुकाने के लिए आवश्यक धनराशि की पूर्ति के लिए 3,46,56,48,000 रुपये से अधिक धनराशि स्वीकृत हुई।

ऽ अनुदान संख्या-76-श्रम विभाग (श्रम कल्याण) के अन्तर्गत होने वाले परिव्ययों को चुकाने के लिए आवश्यक धनराशि की पूर्ति के लिए 3,11,73,70,000 रुपये से अधिक धनराशि स्वीकृत हुई।

ऽ अनुदान संख्या-77-श्रम विभाग (सेवायोजन) के अन्तर्गत होने वाले परिव्ययों को चुकाने के लिए आवश्यक धनराशि की पूर्ति के लिए 83,28,20, 000 रुपये से अधिक धनराशि स्वीकृत हुई।

ऽ अनुदान संख्या-72-शिक्षा विभाग (माध्यमिक शिक्षा) के अन्तर्गत होने वाले परिव्ययों को चुकाने के लिए आवश्यक धनराशि की पूर्ति के लिए 89,56,83,06,000 रुपये से अधिक धनराशि स्वीकृत हुई।

ऽ आज विधानसभा में पेश हुए विभागीय बजटों में उच्च शिक्षा में 27,85,01,22,000 रुपये, व्यवसायिक शिक्षा विभाग के अन्तर्गत 7,12,60,76,000 रुपये, प्राथमिक शिक्षा के अन्तर्गत 3,80,66,05,52,000 रुपये, राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद, शिक्षा विभाग के अन्तर्गत 1,99,93,37,000 रुपये।

ऽ गृह विभाग (होमगार्डस) के अन्तर्गत 6,18,86,14,00 रुपये।

ऽ वित्त विभाग (स्टाम्प एवं पंजीकरण) के अन्तर्गत 3,05,15,46,000 रुपये।

ऽ गृह विभाग (नागरिक सुरक्षा) के अन्तर्गत 21,84,39,000 रुपये।

ऽ प्राविधिक शिक्षा विभाग के अन्तर्गत 6,03,80,86,000 रुपये।

ऽ खाद्य एवं रसद विभाग के अन्तर्गत 79,84,91,42,000 रुपये।

ऽ चिकित्सा विभाग (एलोपैथी चिकित्सा) के अन्तर्गत 62,59,40,95,000 रुपये।

ऽ चिकित्सा विभाग (सार्वजनिक स्वास्थ्य) के अन्तर्गत 7,14,71,69,000 रुपये।

ऽ चिकित्सा विभाग (परिवार कल्याण) के अन्तर्गत 53,77,58,30,000 रुपये।

ऽ कृषि तथा अन्य सम्बद्ध विभाग (दुग्धशाला विकास) के अन्तर्गत 6,45,72,10,000 रुपये।

ऽ चिकित्सा विभाग (चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण) के अन्तर्गत 42,18,91,55,000 रुपये।

ऽ लोक निर्माण विभाग (राज्य सम्पत्ति निदेशालय) के अन्तर्गत 5,94,11,35,000 रुपये।

ऽ गृह विभाग (कारागार) के अन्तर्गत 12,56,88,29,000 रुपये।

ऽ परिवहन विभाग के अन्तर्गत 4,65,45,98,000 रुपये और

ऽ उद्योग विभाग (लघु उद्योग एवं निर्यात प्रोत्साहन) के अन्तर्गत 4,15,12,60,000 रुपये का बजट स्वीकृत हुआ।

रिपोर्ट- शाश्वत तिवारी

loading...
Copyright @teznews.com. Designed by Lemosys.com