बीते सप्ताह उग्र भीड़ द्वारा नाबालिग मुस्लिम शख्स और व्यापारी की हत्या मीडिया की सुर्खियों में बनी रही। इन घटनाओं के बाद भारत में एक बार फिर बढ़ती धार्मिक असहिष्णुता पर सवाल उठाए जाने लगे। मगर असल सवाल यह है कि क्या भारत में सचमुच अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ हालात इतने तनावपूर्ण हो गए हैं? इसपर विशेषज्ञों की अलग-अलग राय है। हालांकि ऐसे में एक वीडियो सोशल मीडिया पर खासा वायरल हो रहा है।

वायरल हो वीडियो में एक शख्स पवित्र महीने रमजान के दौरान आंखों पर पट्टी बांधे राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के इंडिया गेट पर खड़ा है। शख्स के हाथ में बोर्ड भी है। जिसपर लिखा है, ‘मैं एक मुसलमान हूं। आज मेरा रोजा है। मैं चाहता हूं कि मेरा रोजा हिंदू भाईयों के साथ खुले। जय हिंद।’ इस दौरान काफी संख्या में लोग बोर्ड पर लिखे शब्दों को पढ़कर जा रहे हैं। वीडियो फेसबुक पर बीते 21 जून को अफलातून नाम के पेज पर अपलोड किया है। जिसे अबतक 14 लाख से ज्यादा लोग देख चुके हैं। दूसरे तरफ कुछ लोगों ने इसपर कमेंट करते हुए लिखा आपसी भाईचारा कभी खत्म नहीं होगा।

वीडियो में साफ नजर आ रहा है कि इस दौरान वाहन सवार लोग भी रुककर बोर्ड को पढ़कर जा रहे हैं। इस दौरान एक शख्स पानी की बोतल लेकर मुस्लिम युवक के पास आता है और उसे गले लगाता है। वीडियो में महिलाएं भी मुस्लिम युवक को गले लगाकर आपसी भाईचारे का संदेश देते हुए देखी जा सकती हैं। इस दौरान एक अंग्रेस शख्स भी मुस्लिम युवक को गले लगाता है और उसे सैल्यूट करता है। कुछ बच्चे भी मुस्लिम युवक की इस मुहिम के समर्थन में आते हैं। कुछ को लोगों मुस्लिम शख्स का वीडियो बनाते हुए भी साफतौर पर देखा जा सकता है। वहीं रोजा इफ्तार के वक्त जब शख्स अपनी आंखों पट्टी उतारता है तो बहुत सारे युवा और अन्य लोग उसके सामने खड़े हुए नजर आते हैं जोकि मुस्लिम शख्स के साथ रोजा इफ्तार करने के लिए खड़े हैं। तब एक हिंदू शख्स सबसे पहले मुस्लिम शख्स के साथ रोजा खोलता है।

वहीं वीडियो पर कई फेसबुक यूजर्स ने अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं। अहमद नजीर लिखते हैं, ‘दिल खुश कर दिया भाई आपने।’ शिरीश लिखते हैं, ‘असली भारतीय आप हो।’ राज महेंद्र लिखते हैं, ‘वाह भाई वाह।’ अनिल शर्मा लिखते हैं, ‘ये सबसे अच्छा तरीका है किसी के प्रति अपनी भावनओं को जाहिर करने का।’