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खंडवा : जनता पानी के लिए तरसत , महापौर चुनाव में व्यस्त

खंडवा : खंडवा में पानी को लेकर रार मची हुई हैं। पानी की तकरार में दोनों ही दल एक दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। भाजपा का कहना हैं की कांग्रेस सरकार आने से उनके वार्डो में पानी नहीं दिया जा रहा तो वहीं कांग्रेस निगम की भाजपा परिषद पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा उसे निगम की व्यवस्था में फेल बता रही हैं। आलम यह हे कि पानी नहीं मिलने से परेशान लोग अब निगम दफ्तर पहुंच कर हंगामा कर रहे हैं। जब गर्मी के शुरुआती दिनों में यह हाल है तो जब भीषण गर्मी पड़ेगी तब खंडवा के लोग भगवन भरोसे ही रहेंगे।

खंडवा में इन दिनों पानी को लेकर शहर के लोग त्राहि मंची हुई हैं। वहीं भाजपा और कांग्रेस के नेता पानी की समस्या को राजनितिक जमा पहनने लगे हैं। भाजपा के लोग विधायक देवेंद्र वर्मा की अगुवाई में गुरुवार को जिला कलेक्टर से मिलने पहुंचे। वहां उन्होंने निगम आयुक्त पर आरोप लगते हुए कहा कि निगम आयुक्त कांग्रेस के दबाव में काम कर भाजपा पार्षदों के क्षेत्र में पानी वितरण नहीं होने दे रहे हैं। वहीं भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि नर्मदा जल योजना की पाइप लाइन को बार बार डेमेज कर शहर के पानी का संकट खड़ा किया जा रहा हैं। बतादें की खंडवा शहर में पिछले 10 दिनों से पानी की भयंकर समस्या बानी हुई हैं जिसपर अब राजनीति की रोटियां सेंकी जा रही हैं। शहर में पानी की इतनी भयंकर समस्या होने के बाद भी महापौर पड़ोसी जिले में चुनाव प्रचार में व्यस्त हैं। उन्हें शायद शहर की जनता से कोई लेना देना नहीं। इधर पार्टी के जिम्मेदार लोगों को जवाब देते नहीं बन रहा।

खंडवा में 120 करोड़ रूपये लगत कि नर्मदा जल योजना कांग्रेस ने ही केंद्र की यूपीए 2 सरकार से मंजूर कराई थी। भाजपा शासन काल में इस योजना को
पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉड में डाल इसका कार्य शुरू किया गया। जिसमें खंडवा से लगभग 50 किलोमीटर दूर चारखेड़ा ग्राम के नर्मदा बैकवाटर से पाइप लाइन के जरिए खंडवा लाना था। अहमद पटेल नेता प्रतिपक्ष  जब योजना बानी उस समय उसमें जेआई पाइप लगने थे पर बादमे इसे बदलकर पीवीसी पाइप लगा दिए गए। अब कांग्रेस आरोप लगा रही हैं। कि नर्मदा जल योजना में करोड़ो रुपयों का भ्रष्टाचार हुआ हैं। योजना में घटिया किस्म के पाइप का इस्तेमाल हुआ हैं जिससे पाइप लाइन बार बार फुट जा रही हैं। इसकी अचार सहिंता ख़त्म होने के बाद जाँच करेंगे। अगर पानी सप्लाई स्थिति सही नहीं हुई तो आंदोलन करेंगे। क्योंकि निगम भी भाजपा का शासन हैं ऐसे में उनकी जिम्मेदारी हैं की शहर के लोगों को पर्याप्त पानी उपलब्ध करये।

पानी को लेकर दोनों ही दल एक दूसरे पर कीचड़ उछाल रहे हैं पर पानी नहीं मिलने से जनता के माथे से जरूर पानी टपकने लगा हैं। पानी की समस्या से जुंज रहे सरोजनी नायडू वार्ड के पार्षद पति अपने वार्ड के लोगों के साथ निगम पहुंच कर आत्मदाह की धमकी देने लगे। पार्षद पति का कहना हैं की 15 दिन से उनके वार्ड में पानी नहीं आ रहा ऐसे में लोग उनके दरवाजे आकर अपनी की मांग कर रहे हैं निगम टैंकर से रात में पानी भेजता जो वार्ड के लिए नाकाफी हैं ऐसे में वे अपने वार्ड के लोगों के साथ नगर निगम आकर समस्या से निजात पाने की कोशिश कर रहे है अगर इस समस्या से निजात नहीं मिली तो वे खुद को आग लगा लेंगे।

इधर निगम आयुक्त का कहना हैं की जल संकट जैसी कोई समस्या नहीं हैं। उनका कहना हैं कि पाइप लाइन फूटने से पानी की समस्या बानी हैं। जिस जगह लाइन क्रेक हुई थी वो नदी का एरिया हैं जिस से उसे रिपेयर करने में समय लगा हैं जल्द ही पानी बारी बारी सभी वार्डो में भेजा जाएगा। लेकिन लाइन प्लास्टिक के पाइप होने से लाइन बारबार क्रेक हो रही हैं। जिसे हमने अभी कंक्रीट कर सुरक्षित कर दिया हैं। हालांकि निगम आयुक्त ये भी कहते हैं कि पाइप लाइन अगर कोई फोड़े नहीं तो पानी की सप्लाई बराबर जारी रहे गी। बतादें की पाइप लाइन फोड़ने के मामले में अभी तक निगम ने किसी के खिलाफ कार्यवाही नहीं की हैं। वहीं नर्मदा जल योजना में 24 घंटे पानी देने की बात कही गई थी जिसपर निगम आयुक्त पॉलिसी मेटर का हवाला देकर चुप्पी साध लेते हैं। नगर निगम आयुक्त ने भाजपा के आरोपों को नकारते हुए कहा की वे किसी के दबाव में काम नहीं करते।

चुनावी मौसम में जहां पानी की समस्या भाजपा और कांग्रेस के नेताओं के लिए सियासी जंग का हथियार हैं वहीं इस समस्या के गहराने से यहीं समस्या इनके गले की हड्डी भी साबित हो जायंगी।

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