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RSS संचालित स्कूलों के स्टूडेंट्स ही क्यों मेरिट में ?

RSS-run-schoolsभोपाल – आरएसएस द्वारा संचालित स्कूलों के स्टूडेंट्स ने मध्य प्रदेश मैट्रिक एग्जाम की मेरिट लिस्ट में बाजी मारी है। इसके बाद से यह आरोप लग रहा है कि बीजेपी सरकार हिंदुत्व विचारधारा को प्रमोट करने के लिए एजुकेशन सिस्टम का इस्तेमाल कर रही है।

सरस्वती ग्रुप के कम से कम 17 स्टूडेंट्स और टॉपर मिलकार कुल 34 छात्रों ने 10वीं की परीक्षा की मेरिट लिस्ट में जगह बनाई है। इस परीक्षा को मध्य प्रदेश बोर्ड ऑफ सेकंडरी एजुकेशन(एमपीबीएसई) आयोजित करता है। क्लास 10 के नतीजों की घोषणा गुरुवार को हुई थी।

विपक्षी पार्टी कांग्रेस और शिक्षा जगत से जुड़े लोगों का कहना है कि मैट्रिक के रिजल्ट पर राजनीतिक प्रभाव साफ दिख रहा है। हालांकि इस परीक्षा में पास पर्सेंटेज 50 से भी कम है। इस साल पिछले साल के मुकाबले मैट्रिक के नतीजों में कुछ सुधार दिख रहा है। पिछले साल पास पर्सेंटेज 47.74 था। राज्य का टॉपर संदीप कुमार शाह सरस्वती हाइअर सेकंडरी स्कूल सिंगरौली का स्टूडेंट है। इसके साथ ही 16 स्टूडेंट्स सरस्वती शिशु मंदिर और सरस्वती विद्या मंदिर के हैं।

शिक्षाविद् अनिल सदगोपाल ने कहा कि मेरिट लिस्ट में 17 स्टूडेंट्स का सरस्वती स्कूल से होना महय संयोग नहीं हो सकता। उन्होंने कहा, ‘इन स्कूलों के प्रशासक पब्लिक के सामने अपनी अच्छी छवि बनाना चाहते हैं। यह पूरी तरह से साफ है कि इन स्कूलों में पढ़ाई हिन्दुत्व के अजेंडे के तहत संविधान विरोधी होती है।’

राज्य की कांग्रेस ने भी मैट्रिक के नतीजों पर सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस ने कहा कि राज्य सरकार मैट्रिक के नतीजों को राजनीति में लपेट रही है और निर्दोष बच्चों को छल रही है। इस साल की शुरुआत में बीजेपी सरकार ने सभी स्कूलों में सूर्य नमस्कार को अनिवार्य कर दिया था। इस फैसले पर भी रानजीतिक पार्टियों और सोशल ऑर्गेनाइजेशन ने आपत्ति जतायी थी।

जब से बीजेपी केंद्र की सत्ता में आई है तब से ऐसे आरोप लग रहे हैं कि केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय आरएसएस और उसके स्टूडेंट विंग अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के इशारों पर काम कर रही है।

हालांकि सरस्वती ग्रुप का कहना है कि उनके स्कूलों का पाठ्यक्रम भारतीय संस्कृति पर आधारित है और यहां के स्टूडेंट्स अपनी पढ़ाई पर फोकस होते हैं। मध्य प्रदेश सरस्वती शिक्षा परिषद के अध्यक्ष राम भवसार ने कहा, ‘हमारे स्कूलों में सभी स्टूडेंट्स भाई-बहन का रिश्ता रखते हैं। ये अपने क्लासमेट को भैया और बहन कहते हैं। इस वजह से ये पढ़ाई पर पूरी तरह फोकस रहते हैं।’

भवसार ने कहा कि यहां के छात्र योग सीखते हैं। इसके उन्हें पढ़ाई पर फोकस बनाने में मदद मिलती है। एमपीबीएसई के चेयरमैन एस. आर. मोहंती ने इन आरोपों को पक्षपातपूर्ण बताया है। उन्होंने कहा, ‘मेरिट लिस्ट में मेहनती और गंभीरता से पढ़ाई करने वाले छात्र हैं। जो स्टूडेंट मन से पढ़ाई करेगा उसे मेरिट लिस्ट में आने से कोई रोक नहीं सकता।’ :-एजेंसी 

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