राजस्‍थान चुनाव में हिंदू एजेंडे को लेकर प्रचार मैदान में उतरे उत्तर प्रदेश के सीएम और बीजेपी के फायर ब्रांड नेता योगी आदित्‍यनाथ ने वोट के लिए भगवान राम और हनुमान को भी नहीं छोड़ा।

राजस्थान के अलवर में बीजेपी उम्मीदवार के पक्ष में वोट मांगने के लिए योगी आदित्‍यनाथ ने भगवान हनुमान को दलित बता दिया।

योगी आदित्यनाथ ने कहा ‘ भगवान हनुमान एक ऐसे लोक देवता हैं जो अब स्वयं वनवासी हैं, गिरवासी हैं, दलित हैं, वचिंत हैं। पूरे भारतीय समाज को उत्तर से लेकर दक्षिण तक और पूरब से लेकर पश्चिम तक सबको जोड़ने का काम बजरंगबली करते हैं। इसलिए बजरंग बली का संकल्प होना चाहिए।’

साथ ही योगी ने चौपाइयों के द्वारा मतदाताओं से भाजपा के पक्ष में मतदान करवाने की अपील भी की। विस्‍तार से जानिए और क्‍या-क्‍या कहा सीएम योगी ने

जो रावण भक्‍त होंगे वहीं कांग्रेस को वोट देंगे

योगी ने अलवर जिले में कांग्रेस पर लगातार हमला बोला और जातिगत वोट बैंक को साधने की कोशिश की। योगी ने कहा कि राम के जो भक्त हैं वो भारतीय जनता पार्टी को वोट दें. जो रावण के भक्त हैं वो ही कांग्रेस को वोट देते हैं।

साथ ही उन्होंने कहा कि राम राज्य चाहिए तो बीजेपी को ही वोट दें। वहीं भरतपुर में सीएम योगी ने कहा कि बीजेपी औरंगजेब जैसे लोगों से रक्षा कर सकती है।

इस बयान के ब्राह्मण सभा ने योगी को भेजा नोटिस

योगी के इस बयान पर राजस्थान ब्राह्मण सभा ने त्यौरियां चढ़ा ली हैं। ब्राह्मण सभा ने हनुमान जी को जाति में बांटने का आरोप लगाते हुए योगी आदित्यनाथ को कानूनी नोटिस भेजा है।

इधर बीजेपी ने योगी के हनुमान की जाति पर दिए बयान से किनारा कर लिया। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने इस संबंध में सवाल पूछे जाने पर गोल-मोल जवाब देते हुए कहा कि ये तो उन्होंने कांग्रेस को जवाब देने के लिए कहा होगा।

वहीं कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने कहा कि ये लोग वोट के लिए जाति को भी नही छोड़ते हैं।

गहलोत ने भी अमित शाह पर लगाया गंभीर आरोप

आपको बता दें कि, कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव संगठन एवं पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह पर उनके बयानों को लेकर हमला बोला था।

उन्होंने शाह पर गुंडागर्दी सिखाने का आरोप लगाया था। अशोक गहलोत ने कहा था कि, शाह ने अपने कार्यकर्ताओं से कहा कि यदि कोई कांग्रेसी या फिर कार्यकर्ता वोट मांगने आए तो उसका गिरेबान पकड़ लेना।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में इस तरह की भाषा सही नहीं है।