Home > Crime > खौफनाक दिल्ली : महिला डॉक्टर पर तेजाब फेंका

खौफनाक दिल्ली : महिला डॉक्टर पर तेजाब फेंका

acid-attackनई दिल्ली [ TNN ] दिल्ली के एक नाकाम आशिक ने महिला डॉक्टर पर तेजाब फेंकवा दिया। वह आशिक भी पेशे डॉक्टर है। रूस में पढ़ाई के दौरान उसका दिल अपनी सहपाठी पा आ गया था। इसके बाद दोनों दिल्ली आ गए। दोनों ने पढ़ाई के बाद डॉक्टरी शुरू कर दी। लेकिन एक तरफा प्यार में डूबे आशिक की सनक यहां भी सवार रही।

वह लगातार महिला डॉक्टर का पीछा करता रहा और उसपर शादी का दबाव बनाता रहा। लेकिन महिला डॉक्‍टर ने कभी उसका प्यार स्वीकार नहीं किया। हाल ही में उस महिला डॉक्‍टर की शादी किसी और से तय हो गई।

यह बात उस आशिक डॉक्टर को नागवार गुजरी और उसने के एक खौफनाक कांड की साजिश रच डाली। आशिक डॉक्टर ने ठान लिया कि अगर वह युवती उसकी नहीं होगी, तो वह उसे किसी और की नहीं होने देगा। फिर उसने अपने कुछ दोस्तों को बुलाया और युवती पर तेजाब हमला करने की सुपारी दी। इसके बाद हुई वो खौफनाक कांड।

दिल्ली पुलिस ने राजौरी गार्डेन एसिड एटैक मामले के आरोपी सभी चार युवकों को धर-दबोचा है। पुलिस के मुताबिक महिला डॉक्टर पर उसके एक तरफा प्यार में गिरे अशोक यादव ने दोस्तों को सुपारी देकर उसपर हमला कराया था।

पुलिस के अनुसार अशोक यादव ने अपने दोस्त वैभव को तेजाब फेंकने की सुपारी दी थी। पुलिस ने अशोक व वैभव समेत मामले में शामिल दो और युवकों को गिरफ्तार कर लिया है।

उधर, पीड़िता अब पहले से बेहतर बताई जा रही है। बुधवार को डॉक्टरों की ओर से जारी किए उसके मेडिकल बुलेटिन में बताया गया कि चेहरे का एक हिस्सा और एक आंख को काफी नुकसान पहुंचा है।

गौरतलब है कि पश्चिम दिल्ली के राजौरी गार्डन इलाके में अस्पताल जाते वक्त एक महिला डॉक्टर पर दो बाइक सवार युवकों ने तेजाब हमला किया था। वह फिलहाल एम्स में भर्ती है।

राजौरी गार्डन इलाके में महिला डॉक्टर पर तेजाब डालने के सनसनीखेज मामले में दिल्ली पुलिस की 12 टीमें आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थीं।� सूत्रों की मानें तो छानबीन के दौरान ख्याला से पुलिस को पीड़िता का बैग बरामद किया। पीड़िता के फोन की लोकेशन भी यमुनापार की आई।

बताया जा रहा है कि बैग झपटने के बाद उसका फोन ऑफ कर दिया गया था। बाद में उसे एक बार ऑन किया गया, जिसकी लोकेशन यमुनापार की आई। सीसीटीवी से पुलिस को इतना तो पता चला कि डिस्कवर बाइक पर सवार थे, लेकिन बाइक का नंबर नहीं ट्रेस हो पाया है।

पुलिस को शंका हुई क‌ि डॉक्टर से रंजिश रखने वाले किसी शख्स ने इस पूरी वारदात को अंजाम दिया है या फिर उसने किसी दूसरे से वारदात को अंजाम दिलवाया है।

मामले पर दक्षिण-पश्चिम रेंज के संयुक्त आयुक्त तेजेंद्र लूथरा ने बताया कि टीमें बनाकर मामले की छानबीन की। टेक्निकल सर्विलांस की भी मदद ली, तब जाकर पुलिस को सफला मिली।

देश में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते एसिड हमलों को देखते हुए केंद्र सरकार का इरादा ऐसे मामलों को जघन्य अपराध की श्रेणी में लाने का है। साथ ही ऐसे मामलों की जांच और सुनवाई समयबद्ध ढंग से कराने की तैयारी है ताकि पीड़ितों को जल्द न्याय मिल सके।

गृह मंत्रालय ने बुधवार को अपने एक बयान में कहा कि ऐसे सभी मामले जिनमें अधिकतम सजा उम्रकैद या फांसी संभव हो, को जघन्य अपराधों की श्रेणी में लाया जाएगा। फौजदारी कानून (संशोधन) अधिनियम 2013 के तहत एसिड हमले के मामले में दोषी करार दिए गए व्यक्ति को 10 साल या उम्रकैद की सजा का प्रावधान है। ऐसे अपराधों की सुनवाई (आईपीसी की धारा 376ए-डी के तहत) 60 दिन के अंदर पूरी होने की बात कही गई है। गृह मंत्रालय की अब अपराध दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) में उपयुक्त संशोधन कर ऐसे जघन्य आपराधिक मामलों की समयबद्ध ढंग से जांच और सुनवाई पूरी करने का प्रावधान करने की योजना है। सरकार कानून में ऐसे उचित बदलाव करने का भी प्रस्ताव ला रही है।

गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने एसिड हमलों को रोकने के लिए कानूनी और प्रशासनिक फ्रेमवर्क को मजबूत करने का निर्णय लिया है। सरकार ने एसिड की बिक्री के नियमन के लिए भी कई कदम उठाए हैं। इसमें एसिड हमले के दोषियों को ज्यादा सजा दिलाने के साथ ही पीड़ितों को अधिक मुआवजा देने जैसे कदम भी शामिल हैं। अभी तक महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल, हरियाणा, पंजाब, मध्य प्रदेश, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश ने एसिड बिक्री के नियमन के लिए नियम तैयार किए हैं। हालांकि दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार जैसे राज्यों में अभी भी एसिड आराम से मिल रहा है। देशभर में हर महीने करीब 400 मामले एसिड हमले के दर्ज होते हैं। हालांकि इसका कोई आधिकारिक आंकड़ा उपलब्ध नहीं है।

Copyright @teznews.com. Designed by Lemosys.com