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बोडो उग्रवादियों ने 52 लोगों को उतरा मौत के घाट

assam-attackगुवाहाटी [ TNN ] असम में बोडो उग्रवादियों ने जमकर कत्लेआम किया। उग्रवादियों के इस हमले में अब तक 52 लोगों की मौत चुकी है। मरने वाले अधिकांश आदिवासी हैं। असम में मंगलवार को बोडो उग्रवादियों ने जमकर कत्लेआम किया। उग्रवादियों ने सोनितपुर और कोकराझार जिलों में सिलसिलेवार चार स्थानों पर किए हमलों में हुई मौतों की संख्या 52 हो चुकी है। मरने वाले लोगों में अधिकांश आदिवासी हैं।

मृतकों में कई महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। हमलों में कम से कम 10 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। सूत्रों की मानें तो इनमें से अधिकतर ईसाई समुदाय के आदिवासी हैं। हालांकि पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की है।

उग्रवादी संगठन नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ बोडोलैंड (सोंगबिजीत) ने मंगलवार शाम पांच बजे से 7.30 बजे के बीच यह हमले किए। कुछ दुर्गम इलाकों में पुलिस नहीं पहुंच पाई है। ऐसे में मृतकों की तादाद और बढ़ने का अंदेशा है।

हमलों को गंभीरता से लेते हुए केंद्र सरकार भी तत्काल हरकत में आ गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमले की कड़ी निंदा करते हुए असम के मुख्यमंत्री तरुण गोगोई से फोन पर बात की।

बुधवार को गृहमंत्री राजनाथ सिंह हालात का जायजा लेने असम जाएंगे। साथ ही केंद्र के निर्देश पर अतिरिक्त अर्द्धसैनिक बलों को घटनास्थल पर भेज दिया गया है। राजनाथ सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार असम की हर संभव मदद करेगी।

असम पुलिस के प्रवक्ता ने बताया कि उग्रवादियों ने अकेले सोनितपुर जिले में 30 लोगों को मार डाला जबकि मंगलवार की शाम चार लोगों की लाश कोकराझार जिले में बरामद की गई। सोनितपुर के चार थाना इलाकों में कर्फ्यू लगा दिया गया है। मुख्यमंत्री गोगोई ने कहा कि सरकार उग्रवादियों के आगे हार नहीं मानेगी।

एनडीएफबी (एस) ने सोनितपुर जिले में विश्वनाथ चारीअली इलाके में 24 को गोलियों से भून दिया तो 6 लोगों को धेकियाजुली में मौत के घाट उतार दिया। कोकराझार में और तीन हत्याएं हुईं हैं, जिसके पीछे इसी उग्रवादी संगठन का हाथ माना जा रहा है।

सोनितपुर की पुलिस अधीक्षक संयुक्ता पाराशर ने कहा कि संगठन के उग्रवादियों ने घातक हथियारों से अरुणाचल प्रदेश की सीमा से सटे निनिसुती के निकट आदिवासियों पर हमला किया। घटनास्थल अंतरराष्ट्रीय सीमा से काफी नजदीक है।

कोकराझार के पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार ने कहा कि जिले में पहला हमला पाखीरीगुड़ी इलाके में हुआ। यह इलाका भारत-भूटान सीमा इलाके के काफी करीब है।

माना जा रहा है कि बोडो उग्रवादियों ने यह हमले बदले की कार्रवाई के तहत किए हैं। भूटान सीमा के नजदीक चिरांग जिले में असम पुलिस और सेना ने संयुक्त प्रयास में रविवार को दो उग्रवादियों समेत चार को मार गिराया था। इसके बाद आतंकवादियों ने खुली चेतावनी दी थी कि वे इसका बदला लेंगे।

पुलिस और खुफिया एजेंसियों के पास पहले से इस बात की सूचना थी कि उग्रवादी बड़े पैमाने पर हमलों की फिराक में हैं। उसके बाद इलाके के मुस्लिम बहुत इलाकों में सुरक्षा चुस्त कर दी गई।

आमतौर पर उग्रवादी वहां मुसलमानों को ही निशाना बनाते रहे हैं, लेकिन इस बार सुरक्षा एजेंसियों को गच्चा देते हुए उन्होंने आदिवासी बहुल बस्तियों पर धावा बोला। वहां सुरक्षा लगभग नहीं के बराबर थी। सुरक्षा बलों ने पिछले सप्ताह एक अभियान के तहत इस गुट के तीन सदस्यों को मार दिया था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम के सोनितपुर और कोकराझार जिले में उग्रवादियों द्वारा 37 लोगों की हत्या को कायरतापूर्ण कार्रवाई करार दिया है। उन्होंने कहा कि हमारी सोच और प्रार्थना पीड़ित परिवारों के साथ है।

मानस नेशनल पार्क बंद 
राज्य सरकार ने उग्रवादियों के हमले के बाद सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। गुवाहाटी स्थित मशहूर पर्यटन स्थल मानस नेशनल पार्क को तीन दिनों के लिए बंद कर दिया है। यहां आदिवासियों की भारी संख्या को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन कदम उठाया है।

बक्सा जिले के उपायुक्त विनोद सेशान ने कहा कि तीन दिनों के लिए नेशनल पार्क को बंद कर दिया गया है क्योंकि पार्क के आसपास यहां भारी संख्या में आदिवासी समुदाय के लोग रहते हैं। अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाने जाने वाले मानस नेशनल पार्क के आसपास चाय बागान में काम करने वाले हजारों आदिवासी परिवार रहते हैं।

सूत्रों की मानें तो पुलिस को कुछ अनहोनी की भनक तो थी, तभी तो भूटान बॉर्डर से लगते मानस नेशनल पार्क से शाम को कुछ विदेशी सैलानियों को पुलिस ने तुरत-फुरत में वहां से निकाला।

:-एजेंसी

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