hostageखंडवा – आदिवासी कन्या आश्रम में छात्राओं से अश्लील हरकत करने वाले   क्लर्क  को सोमवार को हरसूद रोड पर लोगों ने जमकर पीटा। लोगों को गुमराह करने की कोशिश भी  क्लर्क करता रहा लेकिन छात्राओं ने जब उसकी करतूत सुनाई तो लोगों ने उसे पेड़ से बांध दिया। आदिम जाति कल्याण विभाग में जब छात्राओं की सुनवाई नहीं की गई तो वे सिसकते हुए कलेक्टोरेट पहुंच गईं।

कलेक्टर एमके अग्रवाल ने सिसकती-बिलखती बालिकाओं की शिकायत सुनकर तत्काल प्रभाव से वार्डन और  क्लर्क को निलंबित कर दिया है। कलेक्टर ने तीन अधिकारियों को मामले की जांच कर दोषी पाए जाने पर छेड़छाड़ के आरोपी बाबू और सहयोगी वार्डन पर केस दर्ज कर जेल भेजने के आदेश दिए है।

कन्या आश्रम खेड़ी में वंदना माथनकर वार्डन और अशोक रमेशचंद उपरीत निवासी सर्वोदय कॉलोनी खंडवा बाबू (लिपिक) के रूप में पदस्थ है। छात्राओं के अनुसार बाबू अशोक उनके साथ छेड़छाड़ करता है, उन्हें छोटे कपड़े पहनने और गले में दुपट्टा नहीं डालने को कहता है। अश्लील हरकतों से परेशान छात्राओं की शिकायत पर भी वार्डन वंदना माथनकर ने कोई कार्रवाई नहीं की उल्टे बाबू उन्हें और परेशान करने लगा।

छात्राओं की शिकायत पर जब कन्या आश्रम में पदस्थ चौकीदार, वॉटरमेन और स्वीपर ने बाबू को टोका तो उन्हें नौकरी से निकालने की धमकी देकर चुप करा दिया। लेकिन कर्मचारी आश्रम में बढ़ती अश्लील हरकतों से परेशान हो गए। वे सोमवार सुबह बाबू और वार्डन की करतूत सुनाने जब छात्राओं के साथ मैजिक से खंडवा आ रहे थे तब वार्डन ने फोन पर बाबू को खबर कर दी। बाबू अशोक उपरीत ने चौकीदार प्रीतम, देवीदास, कृष्ण भुसारे और कृष्णा जावा से मारपीट कर दी।

मैजिक में बैठी छात्राओं को रोते देख आसपास से लोग जमा हो गए। जब बालिकाओं ने बाबू के बारे में बताया तो लोगों ने आश्रम कर्मचारियों को बचाया और बाबू को पीट दिया। जब उसने लोगों को धमकाया तो उसे पीटते हुए पेड़ पर बांधकर पुलिस को सूचना दी। करीब पौन घंटे बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने बाबू को अपनी अभिरक्षा में लेकर उसे कोतवाली पहुंचाया।

[box type=”shadow” ] इनका कहना

छात्राओं ने कार्यालय पहुंचकर शिकायत की है। आरोपी बाबू व वार्डन को निलंबित कर दिया गया है। मामले की जांच में यदि छेड़छाड़ के आरोप सिद्ध पाए जाते हैं तो दोनों पर केस भी दर्ज कराया जाएगा।

-एमके अग्रवाल, कलेक्टर खंडवा[/box]

कलेक्टर एमके अग्रवाल ने टीएल बैठक के बाद छात्राओं को अपने कक्ष में बैठाकर उनकी शिकायत सुनी। बाबू और वार्डन की हरकतों से नाराज कलेक्टर ने तत्काल प्रभाव से बाबू अशोक उपरीत और कन्या आश्रम खेड़ी की वार्डन वंदना माथनकर को निलंबित कर दिया। उन्होंने डिप्टी कलेक्टर प्रियंका गोयल, आदिवासी आयुक्त गणेश भंवर व एसडीएम हरसूद को मामले की जांच के निर्देश दिए। डिप्टी कलेक्टर प्रियंका गोयल ने बंद कमरे में छात्राओं के बयान दर्ज कर उसे कलेक्टर को सौंपा है।

 

 

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