भोपाल- पूर्व केंद्रीय मंत्री और पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव ने असुरक्षित शिवराज सरकार पर बड़ा राजनैतिक हमला बोलते हुए कहा कि सत्ता की भूखी सरकार और विचारधारा प्रदेश में उपचुनाव के बाद अपने भविष्य को लेकर चिंतित है। एक लोकतांत्रिक निर्वाचित सरकार को सौदेबाज़ी कर उसने सत्ता की चाबी तो हथिया ली है किंतु उपचुनाव परिणाम उस पर ताला लगा देंगे, यही आशंका उसे तोड़फोड़ व खरीद फरोख्त करने के लिए मजबूर कर रही है।

आज जारी अपने बयान में उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि गुप्तचर एजेंसियों की वास्तविक रिपोर्टस में भाजपा को इस बाबद जानकारी मिल गई है कि गद्दारों – बिकाऊओं की फ़ौज़ के अधिकांश लोगों की हार सुनिश्चित है, इसी भय से वह निम्न हथकंडे अपना रही है! यादव ने यह रहस्योद्घाटन भी करते हुए कहा कि भाजपा नेतृत्व ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा भाजपा प्रवेश के बाद लगातार की जा रही राजनैतिक ब्लैकमेलिंग से भी तंग आ चुका है। लिहाजा, भविष्य की संभावनाओं को दृष्टिगत रख वह अपने घिनौने निजी मैनेजमेंट का रास्ता अपनाकर उनसे मुक्ति पाने का भी रास्ता खोज़ रहा है।

श्री यादव ने यहां तक कहा है कि पार्टी विद-ए-डिफरेंस का थोथा दावा करने वाली भाजपा ऐसे कुकृत्यों से अंग्रेजों से लड़ चुकी पार्टी और उसके निष्ठावान कार्यकर्ताओं के जज़्बाती मनोबल को तोड़ नहीं पाएगी। “यदि खरीद फ़रोख़्त का यह धंधा इसी प्रकार जारी रहा तो आगामी उपचुनाव में दोनों ओर से कांग्रेस के ही प्रत्याशी परस्पर चुनाव लड़ेंगे और भाजपा कार्यकर्ता सिर्फ दरियां ही बिछाएंगे ?