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साल 2017 के बेहूदे विज्ञापन जिन्हे हटाना पड़ा

एडवर्टाइजर्स प्रचार का कोई मौका नहीं छोड़ना चाहते हैं, लेकिन कई बार वे कुछ ऐसा कर जाते हैं जिससे ये विज्ञापन विवाद में फंस जाते हैं। ऐसे में इस तरह के विज्ञापन कंज्‍यूमर के दिमाग में किसी ब्रैंड की क्‍या इमेज बनाते होंगे, ये आसानी से समझा जा सकता है। इस साल भी एडवर्टाइजर्स ने कई ऐसे विज्ञापन दिए जिससे काफी विवाद हुआ। दरअसल, इनमें बेहूदेपन की हद के साथ अश्‍लील टैगलाइन और संवेदनशील मुद्दों पर देवी-देवताओं का इस्‍तेमाल किया गया।

मैनफोर्स कंडोम

इस साल नवरात्रि पर सनी लियोनी के मैनफोर्स कंडोम के विज्ञापन को लेकर काफी विवाद हुआ। गुजरात में तो करीब 500 होर्डिंग जबरन उतरवा दिए गए। दअरसल, नवरात्र पर गुजरात में कंपनी ने इस विज्ञापन के कई होर्डिंग लगाए थे। पवित्र त्‍योहार पर इस तरह के होर्डिंग देखकर लोगों का गुस्‍सा भड़क उठा और उन्‍होंने विरोध शुरू कर दिया। ‘द कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स’ ने सरकार से पूरे गुजरात में इस तरह के आउटडोर विज्ञापनों पर प्रतिबंध की मांग भी कर दी थी। उनका आरोप था कि इस तरह के विज्ञापनों से त्‍योहार की गरिमा को ठेस पहुंचती है और लोगों पर गलत असर पड़ता है।

जोमाटो

फूड सर्विस मुहैया कराने वाली वेबसाइट ‘जोमैटो’ इन साल विवादों में घिर गई थी। दरअसल, यह विवाद उसके विज्ञापन को लेकर हुआ था। वेबसाइट अपने प्रॉडक्‍ट को बेचने के लिए जिस तरह से उसका प्रचार कर रही थी, लोगों को वह तरीका पसंद नहीं आया. आपको बता दें कि कंपनी ने प्रमोशन के लिए (एमसी, बीसी) जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया था. जोमैटो ने एमसी, बीसी का फुल फॉर्म मेक एंड चीज और बटर चिकन बताया था, लेकिन इसे हिंदी में बतौर गाली के तौर लोगों द्वारा इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि विरोध को देखते हुए बाद में यह विज्ञापन हटा लिया गया था।

जावेद हबीब

प्रसिद्ध हेअर स्टाइलिस्ट जावेद हबीब ने सोशल मीडिया और कुछ अखबारों में अपने सलून का विज्ञापन दिया था। विज्ञापन में हिंदू देवी देवताओं की फोटो का इस्तेमाल किया गया था। जिससे भाजपा के कार्यकर्ताओं इपना रोष व्यक्त किया। हिंदू संगठनों का कहना था कि इस विज्ञापन के जरिए हिंदू धर्म का अपमान किया गया है। जिसके बाद भाजपा के कार्यकर्ताओं ने जावेद हबीब के सलून में स्याही फेंककर नारेबाजी की। विज्ञापन में जावेद हबीब के सलून में हिंदू देवी-देवताओं को सलून में आते हुए दिखाया गए थे। बाद में हबीब ने इस मामले में माफी भी मांगी थी।

मीट के विज्ञापन में गणेश जी

इस साल ऑस्ट्रेलिया में एक विज्ञापन दिखाया जा रहा था, जिसमें भगवान गणेश मेमने के मीट को खाने की वकालत करते दिख रहे हैं। मीट एंड लाइवस्टॉक ऑस्ट्रेलिया (एमएलए) द्वारा जारी इस विज्ञापन का ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले हिंदुओं ने विरोध किया था। हिंदू समुदाय ने विज्ञापन वापस लेने की मांग की थी। इसके बाद भारत में भी इस ऐड को लेकर लोग भड़क गए। विज्ञापन में भगवान गणेश के अलावा ईसा मसीह, गौतम बुद्ध, थॉर तथा जीसस खाने की एक मेज के चारों ओर बैठे हुए थे और उन्‍हें मेमने का मांस खाते हुए दिखाया गया था। भारतीय उच्‍चायोग ने भी आस्‍ट्रेलिया सरकार के समक्ष कड़ा विरोध जताया था। हालांकि विरोध को देखते हुए बाद में इस विज्ञापन को हटा लिया गया था।

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