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बाबा रामपाल की गिरफ्तारी :सरकार पूरी तरह नाकाम

 Hisar Haryana Sant Rampal arrest कैथल [ TNN ] हत्या केस में आरोपी 37 मुलजिमों में से एक आरोपी हाई कोर्ट का आदेश बार-बार ठुकराने वाले बाबा रामपाल की गिरफ्तारी के लिए हरियाणा पुलिस को काफी पसीना बहाना पड़ रहा है हमारे संवाददाता ने बरवाला का दौरा किया तो वहां का नज़ारा देख कर ऐसा लगा की एक आदमी के सामने हमारी सरकार और प्रशाशन पूरी तरह नाकारा बना हुआ है इसे हमारे देश के कानून मज़ाक उड़ाना कहे या फिर बदमाशी इस एक वयक्ति संत रामपाल ने ऐसे हालत क्यों और कसके कहने पर पैदा किये और सरकार को भी जब ऐसे हालातों के पैदा होने की आशंका थी तो समय रहते ठोस कदम क्यों नही उठाये । आखिर कार अदालत ने रामपाल के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करके गेंद हरियाणा पुलिस के पाले डालने से मामला शांत होने उलझता जा रहा है क्योंकि संत बने रामपाल अदालत और कानून को ठेंगा दिखाते आ रहे है जिसके चलते वे अदालत के सामने पेश नही हो रहे ,और दूसरी तरफ हरियाणा सरकार मामले में फूंक फूंक रख रही है गौरतलब है की जूनियर इंजीनियर की नौकरी छोड़ बाबा बने रामपाल के हजारों अनुयायी हैं। बरवाला में बाबा का ‘सतलोक आश्रम’ है। हत्‍या के एक मामले में 17 नवंबर को हर हाल में पुलिस को उन्‍हें कोर्ट में पेश करना है। इसके लिए पुलिस ने बड़े पैमाने पर तैयारियां की हैं, तो बाबा के समर्थक और निजी कमांडो भी उन्‍हें गिरफ्तार नहीं होने देने के लिए डटे हैं। पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स की 30 कंपनियां आश्रम के पास तैयार रखी गई हैं। आश्रम का दो-दो बार हवाई सर्वे भी किया जा चुका है और वहां बिजली-पानी का कनेक्‍शन भी काटा जा चुका है।पुलिस के जवान आश्रम से कुछ ही मीटर दूर हैं। आश्रम की तरफ जाने वाले तमाम रास्ते पुलिस ने सील कर दिए हैं। आश्रम की बिजली काट दी गई है। दूध, सब्जियों और खाने-पीने के सामान की सप्लाई भी बंद करा दी गई है। हिसार रेंज के आईजी के अलावा 5 जिलों के एसपी और तकरीबन 20 डीएसपी हालात पर नजर बनाए हुए हैं। डीजीपी एसएन वशिष्ठ भी हिसार में डेरा डाले हुए हैं। शनिवार को पुलिस की ओर से प्रेस कॉन्‍फ्रेंस कर मीडिया को आश्रम परिसर से सौ मीटर दूर रहने के लिए कहा गया।हालातों गौर किया जाये तो हिसार के बरवाला में बने सतलोक आश्रम के संचालक रामपाल की गिरफ्तारी के आदेश के बाद यहां स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है. कोर्ट की अवमानना मामले में संत रामपाल एक बार फिर पंजाब-हरियाणा हाइकोर्ट में पेश नहीं हुए | रामपाल के वकील ने कोर्ट में मेडिकल भेज पेश होने में असमर्थता जताई. हाइकोर्ट ने कड़ा रूख अख्तियार करते हुए संत रामपाल को 17 नवंबर तक कोर्ट में पेश करने के आदेश दिए हैं.वहीं इस मामले गृह सचिव और पुलिस से नाराजगी जाहिर की है.हिसार के बरवाला में सतलोक आश्रम के संचालक संत रामपाल महाराज को आश्रम के अनुयायियों ने अस्वस्थ बताते हुए उनकी गिरफ्तारी के आदेश मानने से इनकार कर दिया है । अब जहाँ संत रामपाल अपने को कानून से ऊपर मान कर चल रहे है वहीँ जनता बेबश बनी हुई है संत रामपाल इसी अन्ध भक्ति का फायदा उठा कर आम जन को आगे कर रहे है ताकि हालत बेकाबू हो जाये और पुलिस कार्यवाही में आम जन को प्रताड़ित करवाया जा सके जिसका सीधा सीधा फायदा संत रामपाल और कांग्रेस को मिल सके वहीं दूसरी ओर रामकुमार ढाका ने हाईकोर्ट में समर्पण कर दिया है. कोर्ट ने रामपाल के सहयोगी राजकंवर ढाका को जमानत दे दी है.बताया जा रहा है कि सतलोक आश्रम में रामपाल के करीब एक लाख अनुयायी जमा हैं. इसे देखते हुए यहां सुरक्षा बढ़ा दी गई है ।  रामपाल सरेंडर नहीं करेंगे : राजकपूर सतलोक आश्रम के प्रवक्ता राजकपूर और पदाधिकारी राहुल ने कहा है कि हाईकोर्ट से गिरफ्तारी वारंट पर तत्काल सुनवाई करने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई नहीं की, इसलिए रामपाल को गिरफ्तार नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा की जब संत गुरु राम पाल स्वस्थ नहीं होते, इन लोगो ने पुलिस प्रशाशन को चेताते हुए कहा की पुलिस आश्रम के नजदीक आने की कोशिश नहीं करे। राजकपूर ने कहा कि उनके गुरुजी आत्मसमर्पण नहीं करेंगे।बार-बार समन भेजे जाने के बावजूद पेश नहीं होने पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। इसके खिलाफ उनकी ओर से सुप्रीम कोर्ट में तत्‍काल सुनवाई का अनुरोध करते हुए याचिका भी दी गई थी। पर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने तत्‍काल सुनवाई से इनकार कर दिया। रिपोर्ट – राजकुमार अग्रवाल

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