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“मुर्गा” नहीं पठानवाडी का “सिंघम” है ये

It cock Ptanvadi Singhamबुरहानपुर – बुरहानपुर के चिंचाला गांव के पठानवाडी इलाके में सिंघम नामक मुर्गा जन चर्चा का विषय बना हुआ है सिंघम नामक यह मुर्गा गांववासियों की दिनचर्या का हिस्सा बना हुआ है कौन है यह सिंघम इस खबर में जानते है रूपहले पर्दे पर सिंघम फिल्म आई पुलिस अधिकारी पर आधारित इस फिल्म के बाद किसी भी शहर में जब पुलिस ने असामजिक तत्वों अपराधियों पर नकेल कसी तो लोगो ने भी ऐसे पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को सिंघम की संज्ञा दी लेकिन बुरहानपुर के चिंचाला गांव के पठानवाडी इलाके में सिंघम का लकब किसी पुलिसकर्मी या युवक को नहीं बल्कि एक मुर्गे को दिया गया है।

इस इलाके में एक माता का मंदिर है और यहां के प्रतिष्ठित मालगुजार परिवार द्वारा मन्नत पूरी होने पर सात साल पहले एक मुर्गे को छोडा गया था तब से मुर्गा यही का होकर रह गया दिनभर मंदिर के आसपास घूमने वाला यह मुर्गा गांव वालो की आंख का तारा तो है क्युंकि देवी की मन्नत के रूप में छोडे जाने पर गांव वालो की आस्था और श्रद्धा के नजरिए से इस मुर्गे का सम्मान करते है सिंघम नामक मुर्गा गांव वालों की दिनचर्या का एक हिस्सा है दिन भर मुर्ग को हर घर की दर से दाना पानी मिलता है खासकर यहां के बच्चों के लिए यह मुर्गा खास है।

इस क्षेत्र में रहने वाली शहनाज बताती है गांव में और भी मुर्गे है लेकिन इस मुर्गे को सब से अलग करने के लिए बच्चों ने इसका इसका नाम सिंघम रख दिया है बच्चे इस मुर्गे को सिंघम नाम से ही पुकारते है गांव की ही रेहाना बताती है सिंघम की दिनचर्या पर नजर डाले तो सिंघम गांव में एक उंचे पेड पर रातभर बसेरा करता है सुबह भोर होते ही सिंघम एक लंबी बांग लगाता है जिससे स्कूल जाने वाले बच्चों सहित सभी गांव की महिला पुरूष नींद से जाग जाते है इसके बाद दिनभर सिंघम मंडराता है भूख लगने पर हर घर की दर पर जाता है।

जहां उसे दाना पानी मिल जाता है इस दौरान गांव वाले सिंघम की मांसाहारी जानवरों से सुरक्षा करते है और तो और गांव वालों की यह भी आस्था है कि गांव में कोई चोरी की नीयत से प्रवेश करता है तो यह असमय बांग देता है जिस से सिंघम के असमय बांग देने से गांव वाले अलर्ट हो जाते है इसके बाद शाम होते ही सिंघम गांव के उंचे पेड पर चढकर रात बसेरा करता है। माता के नाम पर छोडा गया यह मुर्ग गांव वालो के लिए आस्था और श्रद्धा का केन्द्र है, गांव वाले इस का सम्मान कर इस का सुरक्षा विगत 7 वर्षाे से करते चले आ रहे है।

रिपोर्ट :- जफर अली

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