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पद्म पुरस्कार के लिए ये नाम सुनकर आप हैरान हो जायंगे

LK Advani, Ramdev may get Padma awardsनई दिल्ली – इस साल के पद्म पुरस्कारों से जुड़े कुछ नाम लोगों को हैरान कर सकते हैं। साथ ही, इन पुरस्कारों से जुड़ी लिस्ट केंद्र की सत्ता में हुए बदलाव को भी बयान करेगी। अटकलों का बाजार गरम है कि पूर्व उप-प्रधानमंत्री और बीजेपी के सीनियर नेता लालकृष्ण आडवाणी को पद्म विभूषण से सम्मानित किया जा सकता है । इससे पहले हाल में सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से नवाजे जाने का ऐलान किया था।

सरकार के टॉप सूत्रों की मानें तो पद्म पुरस्कारों की सूची में योग गुरु बाबा रामदेव, वैदिक विद्वान प्रफेसर डेविड फ्रॉली (जो खुद को पंडित वामदेव शास्त्री बताते हैं) भी शामिल हैं। इस बीच खेल मंत्रालय ने सोमवार को स्पेशल केस के तहत आधिकारिक तौर पर बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल को पद्म भूषण के लिए नॉमिनेट किया। हालांकि, इस बाबत सिफारिश के लिए आखिरी तारीख 15 सितंबर होती है, जो कब की गुजर गई।

गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि नेहवाल को पद्म भूषण देने पर सरकार सिर्फ खेल मंत्रालय की सिफारिशों पर निर्भर नहीं थी। मंत्रालय के एक अधिकारी ने नाम जाहिर नहीं किए जाने की शर्त पर बताया, ‘नॉमिनेशन पहले ही किसी क्षेत्र से जुड़े किसी शख्स की तरफ से आया होगा। नौकरशाहों की एक सिलेक्ट कमिटी भी है, जिसने अवॉर्ड्स कमिटी को अपनी सिफारिशें भेजी हैं। इनमें ऐसे लोगों का नाम हो सकता है, जिनकी सिफारिश किसी अन्य शख्स ने नहीं की हो। लिहाजा, नेहवाल का नाम पहले से पद्म पुरस्कारों की लिस्ट में हो सकता है।’

अगर ऐसा नहीं है, तो निश्चित समयसीमा के बीत जाने के बाद सरकार के पास नेहवाल के नाम को पुरस्कारों की सूची में शामिल करने का हक नहीं है, बशर्ते राष्ट्रपति, उप-राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, गृह मंत्री या खुद अवॉर्ड्स कमिटी ने इसकी सिफारिश की हो।

बहरहाल, अवॉर्ड्स कमिटी को खुद ही नेहवाल के लिए नियमों को ताक पर रखना होगा, क्योंकि उन्हें 2010 में पद्म पुरस्कार मिल चुका है और नियमों के मुताबिक, अगला उच्च पद्म पुरस्कार लेने के लिए उन्होंने पांच साल की समयसीमा नहीं पूरी की है। सिर्फ अपवाद स्वरूप मामलों में ही अवॉर्ड्स कमिटी नियमों में ढील देकर इस तरह के फैसले कर सकती है।

इस बीच साइना नेहवाल ने कहा है कि उन्होंने कभी प्रतिष्ठित पुरस्कार की मांग नहीं की। साइना ने कहा, ‘मीडिया ने जिस तरह से पेश किया कि मैंने पुरस्कार की मांग की, वह मुझे बिल्कुल भी पसंद नहीं आया। मैं एक खिलाड़ी हूं। मैं अपने देश के लिए खेलती हूं। मैं सिर्फ इतना जानना चाहती थी कि मेरे नाम पर विचार क्यों नहीं किया गया। बस इतना ही। अंत में पैनल जो फैसला करेगा मैं उसका सम्मान करूंगी।’
:- एजेंसी

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