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देश का सबसे आधुनिक होगा मप्र का नया PHQ

MP new police headquartersभोपाल [ TNN ] मध्य प्रदेश का नया पुलिस मुख्यालय बनकर तैयार है। लगभग 50 करोड़ रुपए से निर्मित हुआ यह अत्याधुनिक भवन दिल्ली और राजस्थान के PHQ से बेहतर, लेकिन उससे कम खर्च पर तैयार हुआ है। नए पुलिस हेडक्वार्टर का लोकार्पण शनिवार को सीएम शिवराज सिंह चौहान और गृहमंत्री बाबूलाल गौर ने किया। खर्च की बात करें, तो जहां यह महज 50 करोड़ रुपए में बनकर तैयार हो गया, वहीं दिल्ली का पीएचक्यू इससे 10 गुना और राजस्थान का 7 गुना ज्यादा खर्च से बने हैं।

इतना ही नहीं यहां सुविधाएं भी बड़ी हाइटेक हैं। नए भवन में 128 सीसीटीवी कैमरे और लगभग 500 स्मोक डिटेक्टर्स लगे हैं। अगर बिल्डिंग के किसी भी हिस्से में जरा सा धुआं दिखाई दिया तो अपने आप आग बुझाने वाले इंतजाम शुरू हो जाएंगे। वहीं गोपनीय फाइलों की सुरक्षा के लिए कम्पेक्टर लगाया गया है, जिसमें अधिकारियों की एसीआर (वार्षिक गोपनीय दस्तावेज) सुरक्षित रहेंगे।

पुलिस हेडक्वार्टर की पुरानी बिल्डिंग में कुछ एडीजी और आइजी जूनियर अफसरों के पास ही छोटी सी जगह पर बैठते थे। एडीजी के चैंबर भी छोटे और पारंपरिक थे। नई बिल्डिंग में यहां पद के हिसाब से सभी को चैंबर दिए गए हैं, साथ ही हर शाखा का पूरा दफ्तर एक ही जगह होगा। डीजीपी और 12 एडीजी अपने पूरे दफ्तर के साथ यहां काम करने आने लगे हैं।

यहीं हुआ करेगी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग भी
पहले वीडियो कान्फ्रेंसिंग के लिए अफसरों को जहां एनआइसी के दफ्तर जाना पड़ता था, वहीं नई बिल्डिंग में ही वीडियो कान्फ्रेंसिंग के लिए डीजीपी आॅफिस और ग्राउंड फ्लोर पर वीसी रूम बने हैं। हर कर्मचारी की सीट पर उनकी नेम प्लेट लगी है। पार्किंग की जगह भी पुराने भवन की अपेक्षा ज्यादा और व्यवस्थित की गई है।

नए भवन की कुछ और खास बातें
मप्र पुलिस हाउसिंग कार्पोरेशन ने पीएचक्यू भवन बनाने का शिलान्यास 2008 में किया, तब इस शाखा के एमडी पवन कुमार जैन थे। उस समय इसकी लागत 18 करोड़ 77 लाख रुपए थी, जो बढ़कर 26 करोड़ 64 लाख हो गई। अब 29 करोड़ रुपए में यह बिल्डिंग पूरी तरह से तैयार है। इसमें 10 करोड़ रुपए का फर्नीचर, 4 करोड़ रुपए का वाई-फाई सिस्टम, साढे़ तीन करोड़ रुपए का सिक्योरिटी सिस्टम और परिसर की साज-सज्जा पर 3 करोड़ रुपए और लगे हैं। कुल मिलाकर 1 लाख 30 हजार वर्गफीट एरिया की इस बिल्डिंग पर 50 करोड़ रुपए खर्च आए हैं। इसमें 12 एडीजी बैठे रहे हैं। 900 कर्मचारी नए भवन में आ गए हैं अौर पुराने भवन में करीब 100 कर्मचारी बचे हैं।

एंट्री पुरानी बिल्डिंग से ही होगी
नए पीएचक्यू भवन में गेट छोटी झील की तरफ से कुछ खास लोगों की ही एंट्री होगी। अन्य को यहां पुराने भवन से ही होकर आना होगा। पुराने पीएचक्यू भवन में अभी इंटेलीजेंस शाखा रहेगी। हर मंगलवार को जनसुनवाई भी इसी में डीजीपी आॅफिस में होगी।

सुरक्षा पर पूरा ध्यान
यह पुराने भवन से आधुनिक है। सुरक्षा के लिहाज से इसमें सभी जरूरी कदम उठाए गए हैं।
पवन कुमार जैन, एडीजी प्लानिंग,

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