प्रधानमंत्री मोदी का यह कमेंट उसी दिन आया है जब उत्तर प्रदेश के मेरठ के एक अस्पताल पर मुसलमानों के इलाज पर पाबंदी लगाने के लिए FIR दर्ज की गई है।

नई दिल्ली : देश में जारी कोरोना संकट और लॉकडाउन के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस चुनौती से निपटने के लिए एकता और भाईचारे की जरूरत है।

पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना हमला करने से पहले धर्म, जाति,रंग भाषा और सीमाएं नहीं देखता है।

उन्होंने अपने लिंक्डइन पोस्ट में कहा कि मुश्किल वक्त में हम सबको साथ मिलकर इस चुनौती से निपटने की जरूरत है।

प्रधानमंत्री ने आगे लिखा, ‘कोरोनावायरस ने पेशेवर लाइफ पूरी तरह से बदल दिया है। हमारा घर ही हमारा ऑफिस बन गया है। इंटरनेट हमारा नया मीटिंग रूम है। कुछ समय के लिए ऑफिस के सहयोगियों के साथ ब्रेक लेना इतिहास बन गया है।’

प्रधानमंत्री मोदी का यह कमेंट उसी दिन आया है जब उत्तर प्रदेश के मेरठ के एक अस्पताल पर मुसलमानों के इलाज पर पाबंदी लगाने के लिए FIR दर्ज की गई है।

दरअसल स्थानीय अखबारों में इस अस्पताल ने एक विज्ञापन दिया था कि मुसलामानों का इलाज यहां कोरोना स्क्रीनिंग के बाद भी किया जाएगा। हालांकि अस्पताल ने इसके लिए माफी मांग ली है।

प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट भी किया और लिखा, ‘दुनिया कोविड-19 से लड़ रही है, लेकिन भारत के ऊर्जावान और प्रगतिशील युवा अधिक स्वस्थ और समृद्ध भविष्य सुनिश्चित करने का रास्ता दिखा सकते हैं।

हाल ही में दिल्ली के निज़ामुद्दीन में मुस्लिम संप्रदाय तबलीगी जमात द्वारा आयोजित कार्यक्रम कोरोना का बड़ा हॉटस्पॉट बनकर उभरा था, जब इसके हजारों सदस्य COVID-19 से संक्रमित पाए गए थे।

एक मुस्लिम समूह ने बाद में सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और मीडिया के कुछ हिस्सों को कथित रूप से निज़ामुद्दीन में हुए आयोजन से जुड़े COVID-19 मामलों पर सांप्रदायिक रंग देने से रोकने की मांग की थी।

बता दें कि भारत में कोरोनावायरस का कहर तेजी से बढ़ता जा रहा है। स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक भारत में कोरोनावायरस से संक्रमितों की संख्या 16116 हो गई है।

पिछले 24 घंटों में कोरोना के 1324 नए मामले सामने आए हैं और 31 लोगों की मौत हुई है। देश में कोरोना से अब तक 519 लोगों की मौत हो चुकी है, हालांकि 2302 मरीज इस बीमारी को हराने में कामयाब भी हुए हैं।

शनिवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में कोरोना संकट से निपटने को लेकर केंद्रीय मंत्रियों की बैठक हुई। मीटिंग में पीयूष गोयल, प्रकाश जावड़ेकर, स्मृति ईरानी, धर्मेंद्र प्रधान, रमेश पोखरियाल निशंक, गिरिराज सिंह, संतोष गंगवार, रामविलास पासवान समेत कई मंत्री मौजूद रहे।

रक्षा मंत्री ने बैठक के बाद ट्वीट किया, ‘कोरोनावायरस की स्थिति को लेकर मंत्रियों (GoM) से चर्चा की। हमने लोगों को होने वाली कठिनाइयों को कम करने के तरीकों और लोगों को राहत प्रदान करने में मंत्रालयों की क्या भूमिका हो सकती है, पर चर्चा की।’

लॉकडाउन के बाद से यह केंद्रीय मंत्रियों की पांचवीं बैठक है। इससे पहले स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन की अगुवाई में भी बैठक हो चुकी है। आज हुई बैठक में जरूरतमंदों तक राशन पहुंचाने से लेकर देश में तेजी से कोरोना टेस्ट कराए जाने पर चर्चा की गई।