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शहीद नारंग के बूढ़े माँ बाप इंसाफ के लिए दर-दर भटकने को मजबूर

punjab stateफाजिल्का- पंजाब के जिला फाजिल्का के गांधी मौहल्ला में लुटेरों से एक दुकानदार को बचाते हुए शहादत देने वाले अध्यापक संदीप नारंग के परिवार के साथ सियासी नेताओं द्वारा किये वादे पूरे ना किये जाने पर मृतक अध्यापक के बूढ़े माँ बाप ने जताया रोष ।

भले ही सियासी नेताओं द्वारा शहादत के समय कई तरह के कई वादे किए, लेकिन करीब सवा साल बीत जाने के बाद भी सियासी नेताओं ने संदीप नारंग की शहादत से वफा नहीं की और आज भी संदीप नारंग का परिवार न्याय पाने के लिए विभिन्न कार्यालयों की ठोकरें खाने को मजबूर है ।

इस बारे में आज जिला फाजिल्का के यूथ कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष रंजम कामरा ने संदीप नारंग के पिता ज्ञान चंद व माता शकुंतला देवी के साथ मिलकर पत्रकार वार्ता की। जिसमें रंजम कामरा व संदीप नारंग के माता पिता ज्ञान चंद व शकुंतला देवी ने बताया कि 15 फरवरी 2015 की देर सांय गांधी मौहल्ले में एक दुकानदार घर लौट रहा था तो इस दौरान कुछ लुटेरों ने दुकानदार पर हमला दिया। दुकानदार को बचाने के लिए संदीप नारंग ने अपनी जान की परवाह नहीं की और उसने दुकानदार को लुटेरों से बचाने का प्रयास किया, लेकिन इस दौरान लुटेरों ने संदीप नारंग को गोली मार दी। जिस कारण वह गंभीर रूप से घायल हो गया फिर भी दुकानदार को बचाने में सफ़ल हो गया । लेकिन घटना दौरान घायल हुए संदीप को बचाने के लिए अध्यापक वर्ग ने भरकस प्रयास किया, लेकिन 21 दिन तक लुधिआना के हसपताल में मौत से लड़ते हुए संदीप नारंग ने दम तोड़ दिया।

इसके बाद सरकार द्वारा कई वादे किए गए, लेकिन आज तक उनके वादे वफा नहीं हुए। उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार ने संदीप नारंग पर पूरा खर्च करने की घोषणा की थी मगर अब तक उस पर खर्च किया गया पैसा सरकार ने अदा नहीं किया। इसके अलावा उसके परिवार को दस लाख रूपये देने की भी घोषणा की गई थी, लेकिन वह घोषण सिर्फ ब्यान मात्र ही बनकर रह गई। उन्होंने बताया कि रा’जय के स्वास्थ्य मंत्री और फाजिल्का के विधायक चौ. सुरजीत कुमार ’जयाणी ने यह भी घोषणा की थी कि फाजिल्का में संदीप नारंग की प्रतिमा (बुत्त) लगाई जाएगी, लेकिन प्रतिमा लगाना तो दूर, अभी तक इसकी कार्रवाही भी शुरू नहीं की गई।

उन्होंने बताया कि फाजिल्का के हर व्यक्ति को संदीप नारंग की शहादत पर गर्व है। हर व्यक्ति फाजिल्का के ऐसे बेटों पर मान करता है और वह बेखौफ होकर फाजिल्का की सेवा करना चाहता है। मगर सियासी नेताओं की तरफ से वादे वफा नहीं करने के कारण लोगों के दिल में यह खौफ भी मंडराने लगा है कि सरकार के नुमाईंदों की तरफ से वादा तो किया जाता है, लेकिन उसे निभाया नहीं जाता। उन्होंने बताया कि अबोहर के विधायक और प्रदेश कांग्रेस के उपप्रधान चौ. सुनील कुमार जाखड़ की तरफ से विधानसभा में मांग की गई थी कि फाजिल्का में शहादत देने वाले अध्यापक संदीप नारंग को शहीद का दर्जा दिया जाए, लेकिन आज तक सरकार ने स्व. संदीप नारंग को शहीद का दर्जा नहीं दिया।

उन्होंने बताया कि बाद में सरकार की ओर से संदीप नारंग के परिवार को आर्थिक सहायता देने के लिए जिला फाज़िलका में अकाली दल के प्रधान स. गुरपाल सिंह ग्रेवाल की डयूटी लगाई गई थी, लेकिन आज तक संदीप नारंग के परिवार की सरकार की तरफ से कोई आर्थिक सहायता नहीं की गई। उन्होंने पंजाब सरकार व स्वास्थ्य मंत्री से अपील की है कि शहीद संदीप नारंग के परिवार से किए गए वादे जल्दी निभाए जाएं। साथ ही उन्होंने चेतावनी भी दी कि अगर 15 दिन में इसका कोई परिणाम नहीं निकला तो नईं रणनीति बनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि वह फाजिल्का वासी हैं और इस नाते उनका फर्ज बनता है कि शहीद संदीप नारंग के परिवार को इंसाफ दिलाया जाए।

@इंद्रजीत सिंह

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