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मोल-भाव की राजनीति कर रहे है आजम

AZAM_KHAN

लखनऊ [ TNN ]आजम खां द्वारा राज्यसभा टिकट वापस करना मोल-भाव की राजनीति है और वह किसी बड़े पद के लिये दबाव बनाने के लिए यह सब कर रहे है। सपा सुप्रीमों प्रदेश की जनता का बताये कि आखिर वो राज क्या है। 

समाजवादी पार्टी सरकार के सबसे विवादास्पद कैबिनेट मंत्री आजम खान की कथनी और करनी में अंतर एक बार फिर जाहिर हो गया है। राजनीति में शुचिता की दुहाई देने और परिवारवाद का विरोध करने वालेे आजम खान ने आखिरकार अपनी पत्नी डॉ. तजीन फातिमा को राज्य सभा चुनाव का टिकट दिलवाकर और फिर वापस कर अपने दोहरे व्यक्तित्व को जाहिर कर दिया है।

राजनैतिक दल में संसदीय बोर्ड सर्वोच्च समिति होती है। संसदीय बोर्ड के निर्णय के बाद आजम खां के व्यवहार से प्रतीत होता है उनको पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह के सम्मान की भी चिन्ता नहीं है।

प्रदेश मुख्यालय पर पत्रकारों से चर्चा करते हुए प्रदेश प्रवक्ता डा चन्द्रमोहन ने कहा कि इसी वर्ष फरवरी माह में डॉ. तजीन फातिमा ने उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग के अध्यक्ष पद पर नियुक्त होने के चार दिन बाद ही इसे अस्वीकार कर अखिलेश यादव सरकार की जमकर किरकिरी कराई थी। पिछले ढाई वर्षों से अपनी कार्यशैली के चलते सपा के सामने परेशानी खड़ी करने वाले आजम खान के सामने सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव एक बार फिर समर्पण की मुद्रा में आ गए हैं।

डा मोहन ने कहा कि लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी की बुरी तरह हार होने के साथ ही इस चुनाव ने आजम खान के छद्म राजनीतिक प्रभाव को भी जगजाहिर कर दिया था। यूपी में अखिलेश यादव सरकार के सत्ता संभालने के बाद से ही समाजवादी पार्टी से लगातार सौदे बाजी कर रहे आजम खान को अब खुद का राजनीतिक भविष्य अंधकारमय लगने लगा है। 

रिपोर्ट -शाश्वत तिवारी

 

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