
घटना के सम्बन्ध में प्राप्त जानकारी अनुसार शुक्रवार को बच्ची अपने हम उम्र भाई और सहेली के साथ गाँव से करीब 7 सो मीटर दूर तालाब में दोपहर को स्नान कर रही थी। तभी वहां गाँव का ही 16 वर्षीय लड़का भी आ गया जिसका गाँव के बच्चों और बड़ो में अच्छा रुतबा है। उसने कहा कि यह ज्यादा देर तक तालाब में रहने से डूब सकती है इसलिए वह उसको ले जाकर घर छोड़ देता है। घर छोड़ने के बहाने वह उसे नजदीकी पहाड़ पर ले गया और बलपूर्वक उससे दुराचार किया। इसी दौरान जोरआजमाइश में दम घुटने से उसकी मौत हो गई। अपने नापाक इरादों को पूरा करने के बाद आरोपी ने मृतक बच्ची को वही छोड़ कर भाग गया।
यहाँ घर में बच्ची के माता – पिता जब खेत से आये तो उसकी तलाश में जुट गए लेकिन वो नहीं मिली। अँधेरा होने के चलते उसकी तलाश बंद कर दी गई और दूसरे दिन शनिवार की सुबह से ग्रामीणों के साथ फिर तलाश शुरू हो गई। दोपहर में गाँव के नजदडक पहाड़ में उसका शव मिला जिसके बाद पुलिस को खबर की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली पुलिस के साथ – साथ पुलिस अधीक्षक राहुल कुमार भी घटना स्थल पर पहुँच गए। घटना स्थल का बारीकी से अवलाकन कर पूरे मामले की तफ्तीश में पता चला की बच्ची तालाब से गायब हुई है। मृतिका का हम उम्र भाई और सहेली ने भी अब तक किसी को कुछ नहीं बताया था। पुलिस द्वारा हिक्मतमली से पूछने पर बमुश्किल उन्होंने पूरा वाकया बतया जिसके बाद आरोपी को पुलिस कोतवाली ले आई। जहां देर रात एफआईआर दर्ज की गई।
पुलिस ने बच्ची के शव को भी अपने कब्जे में लेकर जिला चिकित्सालय पहुंचा दिया। लेकिन रात होने की वजह से पोस्टमॉर्टम नहीं हो सका। रविवार की सुबह का पोस्टमॉर्टम उपरांत शव परिजनों को सौप दिया गया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद मौत की असल वजह का पता चल सकेगा। पूरे गाँव ने नम आँखों से इस मासूम बच्ची का अंतिम संस्कार किया। इस घटना ने ग्रामीण परिवेश में भी बच्चों की विकृत होती मानसिकता के तरफ इशारा कर दिया है यदि समय रहते इससे बचने के प्रयास नहीं किये गए तो इसके नतीजे काफी भयावाह होंगे।
रिपोर्ट- @सैयद जावेद अली