15.1 C
Indore
Sunday, December 4, 2022

नागरिकता संशोधन बिल पास, राज्यसभा में जाएगा, आखिर क्यों छिड़ा है विवाद

नई दिल्ली: नागरिकता संशोधन विधेयक चर्चा में है। मोदी सरकार ने बुधवार को कैबिनेट बैठक में इस विधेयक को पास किया। अब यह विधेयक पहले लोकसभा और फिर राज्यसभा में जाएगा। इस पर संसद में तीन तलाक और अनुच्छेद 370 जैसा घमासान देखने को मिल सकता है। विपक्षी दल इसके साफ संकेत दे चुके हैं कि संसद से सरकार के लिए बिल पास करवाना आसान नहीं होगा। दरअसल विपक्षी दल बिल में कुछ संशोधनों से खफा हैं और इसे अल्पसंखयक विरोधी बता रहे हैं। हालांकि सरकार इन सभी आरोपों को खारिज कर चुकी है।

देश में अवैध घुसपैठियों का मामला काफी समय से चर्चा का विषय है। घुसपैठियों को देश से बाहर करने की दिशा में सबसे पहले असम में एनआरसी यानी नैशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजंस पर काम हुआ, लेकिन एनआरसी को लेकर यह विवाद हुआ कि बड़ी संख्या में ऐसे लोगों को भी नागरिकता की लिस्ट से बाहर रखा गया है जो देश के असल निवासी हैं। इसी समस्या के समाधान के लिए केंद्र सरकार संसद के शीतकालीन सत्र में नागरिकता संशोधन विधेयक पेश करेगी। इस विधेयक को लेकर भी विवाद हैं। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि इस विधेयक में क्या प्रावधान हैं और किन बातों को लेकर विवाद है।

क्या है नागरिकता संशोधन विधेयक
नागरिकता संशोधन विधेयक में नागरिकता कानून, 1955 में संशोधन का प्रस्ताव है। इसमें अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान से आए हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई धर्मों के शरणार्थियों के लिए नागरिकता के नियमों को आसान बनाना है। मौजूदा समय में किसी व्यक्ति को भारत की नागरिकता हासिल करने के लिए कम से कम पिछले 11 साल से यहां रहना अनिवार्य है। इस नियम को आसान बनाकर नागरिकता हासिल करने की अवधि को एक साल से लेकर 6 साल करना है यानी इन तीनों देशों के छह धर्मों के बीते एक से छह सालों में भारत आकर बसे लोगों को नागरिकता मिल सकेगी। आसान शब्दों में कहा जाए तो भारत के तीन पड़ोसी मुस्लिम बहुसंख्यक देशों से आए गैर मुस्लिम शरणार्थियों को नागरिकता देने के नियम को आसान बनाना है।

नागरिकता कानून, 1955 के मुताबिक अवैध प्रवासियों को भारत की नागरिकता नहीं मिल सकती है। इस कानून के तहत उन लोगों को अवैध प्रवासी माना गया है जो भारत में वैध यात्रा दस्तावेज जैसे पासपोर्ट और वीजा के बगैर घुस आए हों या फिर वैध दस्तावेज के साथ तो भारत में आए हों लेकिन उसमें उल्लिखित अवधि से ज्यादा समय तक यहां रुक जाएं।

अवैध प्रवासियों को या तो जेल में रखा जा सकता है या फिर विदेशी अधिनियम, 1946 और पासपोर्ट (भारत में प्रवेश) अधिनियम, 1920 के तहत वापस उनके देश भेजा जा सकता है। लेकिन केंद्र सरकार ने साल 2015 और 2016 में उपरोक्त 1946 और 1920 के कानूनों में संशोधन करके अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान से आए हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और इसाई को छूट दे दी है। इसका मतलब यह हुआ कि इन धर्मों से संबंध रखने वाले लोग अगर भारत में वैध दस्तावेजों के बगैर भी रहते हैं तो उनको न तो जेल में डाला जा सकता है और न उनको निर्वासित किया जा सकता है। यह छूट उपरोक्त धार्मिक समूह के उनलोगों को प्राप्त है जो 31 दिसंबर, 2014 को या उससे पहले भारत पहुंचे हैं। इन्हीं धार्मिक समूहों से संबंध रखने वाले लोगों को भारत की नागरिकता का पात्र बनाने के लिए नागरिकता कानून-1955 में संशोधन के लिए नागरिकता संशोधन विधेयक-2016 संसद में पेश किया गया था।

इस विधेयक को 19 जुलाई, 2016 को लोकसभा में पेश किया गया था और 12 अगस्त, 2016 को इसे संयुक्त संसदीय कमिटी के पास भेजा गया था। कमिटी ने 7 जनवरी, 2019 को अपनी रिपोर्ट सौंपी। उसके बाद अगले दिन यानी 8 जनवरी, 2019 को विधेयक को लोकसभा में पास किया गया, लेकिन उस समय राज्यसभा में यह विधेयक पेश नहीं हो पाया था। इस विधेयक को शीतकालीन सत्र में सरकार की फिर से नए सिरे पेश करने की तैयारी है। अब फिर से संसद के दोनों सदनों से पास होने के बाद ही यह कानून बन पाएगा।

संसदीय प्रक्रियाओं के नियम के मुताबिक, अगर कोई विधेयक लोकसभा में पास हो जाता है लेकिन राज्य सभा में पास नहीं हो पाता और लोकसभा का कार्यकाल समाप्त हो जाता है तो वह विधेयक निष्प्रभावी हो जाता है यानी उसको फिर से दोनों सदनों में पास कराना होगा। वहीं राज्य सभा से संबंधित नियम अलग है। अगर कोई विधेयक राज्य सभा में लंबित हो और लोकसभा से पास नहीं हो पाता और लोकसभा भंग हो जाती है तो वह विधेयक निष्प्रभावी नहीं होता है। चूंकि यह विधेयक राज्यसभा से पास नहीं हो पाया था और इसी बीच 16वीं लोकसभा का कार्यकाल समाप्त हो गया, इसलिए इस विधेयक को फिर से दोनों सदनों में पास कराना होगा।

विपक्ष का सबसे बड़ा विरोध यह है कि इसमें खासतौर पर मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाया गया है। उनका तर्क है कि यह संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन है, जो समानता के अधिकार की बात करता है।

बता दें कि पूर्वोत्तर क्षेत्र में एक बड़े वर्ग का कहना है कि अगर नागरिकता संशोधन विधेयक को लागू किया जाता है तो पूर्वोत्तर के मूल लोगों के सामने पहचान और आजीविका का संकट पैदा हो जाएगा।

Related Articles

Atal Pension Yojana: सुपरहिट सरकारी योजना

Atal Pension Yojana: सुपरहिट सरकारी योजना रोजाना 7 रुपये बचाएं और पाएं 60 हजार पेंशनAtal Pension Yojana Benefits: अटल पेंशन योजना में निवेश करने के...

RBI Digital Rupee Scheme: आरबीआई ने डिजिटल रुपया योजना के लिए किया इन 8 बैंकों का चयन

RBI Digital Rupee Scheme: आरबीआई ने डिजिटल रुपया योजना के लिए किया इन 8 बैंकों का चयन ग्राहकों को मिलेंगी ये सुविधाएंRBI Digital Rupee Scheme:फोनपे...

Hockey: भारतीय हॉकी के दिन बदल सकते हैं पूर्व खिलाड़ी दिलीप तिर्की, अध्यक्ष पद के लिए किया नामांकन

दिलीप टिर्की भारतीय हॉकी टीम के पहले ऐसे आदिवासी खिलाड़ी रहे हैं, जिन्होंने लगातार तीन ओलंपिक खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने वर्ष...

ऑस्‍ट्रेलिया के पूर्व क्रिकेटर Ricky Ponting अस्‍पताल में भर्ती, मैच की कमेंट्री करते बिगड़ी तबीयत

पोंटिंग पर्थ में ऑस्ट्रेलिया और वेस्टइंडीज के बीच पहले टेस्ट के तीसरे दिन के दौरान चैनल 7 के लिए कमेंट्री कर रहे थे। द...

Cirkus Trailer: रिलीज हुआ रणवीर सिंह की फिल्म सर्कस का ट्रेलर

दीपिका पादुकोण की एंट्री ने किया सरप्राइजरणवीर सिंह की फिल्म 'सर्कस' का ट्रेलर रिलीज हो चुका है। इस फिल्म के ट्रेलर में आपको सर्कस...

Jubin Nautiyal को मिली अस्‍पताल से छुट्टी

Jubin Nautiyal को मिली अस्‍पताल से छुट्टी फेसबुक पोस्‍ट में फैन्‍स को कहा प्रार्थनाओं के लिए धन्यवाद जुबिन ने फेसबुक पर अपना हेल्‍थ अपडेट देते हुए...

वेस्टर्न ड्रेस में भी ग्लैमरस लगती है वायरल गर्ल आयशा

Pakistani Girl Ayesha Photos: पाकिस्तानी गर्ल आयशा लता मंगेशकर के गाने 'मेरा दिल ये पुकारे आजा' पर अपने डांस परफॉर्मेंस से वायरल हुईं है।...

अफगानिस्तान के पूर्व पीएम की हत्या की कोशिश, बाल-बाल बचे गुलबुद्दीन हिकमतयार

Attack on Hekmatyar: अफगानिस्तान में गृह युद्ध शुरू हुआ, तो इस दौरान हिकमतयार ने काबुल पर कब्जे के लिए इतने रॉकेट दागे कि उन्हें...

दिल्ली नगर निगम चुनाव कल

Delhi MCD Elections 2022: नगर निकाय चुनाव की मतगणना सात दिसंबर को होगी। 250 वार्डों के लिए सुबह आठ बजे से शाम साढ़े पांच...

Stay Connected

5,577FansLike
13,774,980FollowersFollow
130,000SubscribersSubscribe
- Advertisement -

Latest Articles

Atal Pension Yojana: सुपरहिट सरकारी योजना

Atal Pension Yojana: सुपरहिट सरकारी योजना रोजाना 7 रुपये बचाएं और पाएं 60 हजार पेंशनAtal Pension Yojana Benefits: अटल पेंशन योजना में निवेश करने के...

RBI Digital Rupee Scheme: आरबीआई ने डिजिटल रुपया योजना के लिए किया इन 8 बैंकों का चयन

RBI Digital Rupee Scheme: आरबीआई ने डिजिटल रुपया योजना के लिए किया इन 8 बैंकों का चयन ग्राहकों को मिलेंगी ये सुविधाएंRBI Digital Rupee Scheme:फोनपे...

Hockey: भारतीय हॉकी के दिन बदल सकते हैं पूर्व खिलाड़ी दिलीप तिर्की, अध्यक्ष पद के लिए किया नामांकन

दिलीप टिर्की भारतीय हॉकी टीम के पहले ऐसे आदिवासी खिलाड़ी रहे हैं, जिन्होंने लगातार तीन ओलंपिक खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने वर्ष...

ऑस्‍ट्रेलिया के पूर्व क्रिकेटर Ricky Ponting अस्‍पताल में भर्ती, मैच की कमेंट्री करते बिगड़ी तबीयत

पोंटिंग पर्थ में ऑस्ट्रेलिया और वेस्टइंडीज के बीच पहले टेस्ट के तीसरे दिन के दौरान चैनल 7 के लिए कमेंट्री कर रहे थे। द...

Cirkus Trailer: रिलीज हुआ रणवीर सिंह की फिल्म सर्कस का ट्रेलर

दीपिका पादुकोण की एंट्री ने किया सरप्राइजरणवीर सिंह की फिल्म 'सर्कस' का ट्रेलर रिलीज हो चुका है। इस फिल्म के ट्रेलर में आपको सर्कस...