नई दिल्ली- दशहरा के मौके पर रावण का जो पुतला जलाया गया उसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इसकी खास बात यह है कि रावण के पुतले में मोदी की तस्वीर लगाई गई है। दावा किया जा रहा है कि यह घटना जेएनयू की है. जिन लोगों ने पुतले को जलाने का दावा किया है वो एनएसयूआई से जुड़े हुए बताये जा रहे हैं।
वहीँ वायरल विडियो के वायरल होने पर चर्चा है कि जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी में कांग्रेस समर्थित छात्र संगठन एनएसयूआई के कुछ छात्रों ने मंगलवार की रात दशहरा पर रावण की जगह कथित तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह और योग गुरु बाबा रामदेव समेत उनके तमाम सहयोगियों का पुतला फूंका। इतना ही नहीं इस घटना का वीडियो बना इसे फेसबुक पर भी पोस्ट कर दिया गया है।
अंग्रेजी अखबार ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ के मुताबिक जेएनयू में एनसयूआई के एक छात्र नेता ने बताया कि, ‘हां, जेएनयू की एनएसयूआई यूनिट ने रावण की जगह मोदी, अमित शाह और रामदेव समेत कई बीजेपी नेताओं का पुतला जलाया है। ‘
छात्रों ने कहा, ‘हमारा यह विरोध प्रदर्शन वर्तमान सरकार से हमारे गहरे असंतोष को दर्शाने का जरिया है। ‘ रावण की तरह पीएम मोदी का पुतला फूंकते हुए छात्रों ने कार्ड पर नारा लिखा था, ‘बुराई पर सत्य की जीत होकर रहेगी। ‘
बता दें कि रावण के मुख्य सर के तौर पर पीएम मोदी का और अन्य सिरों पर बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह , नाथूराम गोडसे, योग गुरु बाबा रामदेव, साध्वी प्रज्ञा, आसाराम बापू और जेएनयू के वीसी एम जगदीश समेत अन्य बीजेपी और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के नेताओं के चेहरे लगाए गए थे।
जेएनयू की एनएसयूआई के अध्यक्ष सन्नी धीमान का कहना है कि हमारा ये विरोध प्रदर्शन गौरक्षा के नाम पर यूथ फोरम फॉर डिस्कशंस एंड वेलफेयर एक्टिविटीज (YFDA) को निशाना बनाने के खिलाफ है। यह प्रदर्शन गौ रक्षा के नाम पर मुस्लिमों और दलितों पर अत्याचारों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे YFDA के सदस्यों को नोटिस जारी करने के जेएनयू प्रशासन के फैसले के खिलाफ था। [एजेंसी]














