नरेन्द्र मोदी से मिलने के बाद सिंधिया ने कांग्रेस से इस्तीफा दिया; भाजपा राज्यसभा टिकट देगी, केंद्रीय मंत्री भी बनाए जा सकते हैं Madhya Pradesh Crisis Live Updates Jyotiraditya Scindia Quits Congress

अटकलें खत्म हो गई हैं और ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस पार्टी छोड़ दी है। उन्होंने पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को लिखे अपने पत्र में कहा कि वह 18 वर्षों से कांग्रेस के प्राथमिक सदस्य रहे हैं, लेकिन अब राह अलग करने का वक्त आ गया है। दिलचस्प बात यह है कि यह पत्र कल यानी 9 मार्च का ही है। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को अपना इस्तीफ सौंपा है। अब उनका बीजेपी में जाने की बस औपचारिकता भर बाकी है। बहरहाल, जवाब में कांग्रेस ने भी ज्योतिरादित्य को पार्टी से बेदखल कर दिया है।
ज्योतिरादित्य सिंधिया कांग्रेस से चार बार सांसद और केंद्रीय मंत्री भी रहे हैं। जनसंघ की संस्थापक सदस्यों में रहीं राजमाता के नाम से मशहूर विजयाराजे सिंधिया चाहती थीं कि उनका पूरा परिवार भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में लौट आए। अब ज्योतिरादित्य उनके इस सपने को साकार कर सकते हैं।
गुना पर सिंधिया परिवार का कब्जा लंबे समय तक रहा। माधवराव सिंधिया सिर्फ 26 साल की उम्र में सांसद चुने गए थे लेकिन वह बहुत दिन तक जनसंघ में नहीं रुके। 1977 में आपातकाल के बाद उनके रास्ते जनसंघ और अपनी मां विजयाराजे सिंधिया से अलग हो गए। 1980 में माधवराव सिंधिया ने कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा और जीतकर केंद्रीय मंत्री भी बने।














