अवसरवादियों को दूर रखकर लोकतंत्र को बचा लें, कमलनाथ ने PM मोदी को लिखी चिट्ठी

कमलनाथ ने पत्र के माध्यम से पीएम मोदी से अनुरोध किया है कि ऐसे अवसरवादी नेताओं को अपनी सरकार, दल में कोई जगह न दें जिन पर प्रजातांत्रिक मूल्यों का सौदा करने का आरोप है, ताकि लोकतांत्रिक मूल्य के बचे रहें।

मध्‍य प्रदेश में सत्ता गंवाने के बाद अब विधायकों की कम होती संख्या से कांग्रेस में गहरी नाराज़गी है। बीते 12 दिन में 3 कांग्रेस विधायक दल बदल कर बीजेपी में जा चुके हैं। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ इससे हैरान और नाराज़ हैं।

उन्होंने पीएम मोदी को पत्र लिखा है कि अवसरवादियों को दूर रखकर लोकतंत्र को बचाइए। कमलनाथ ने कोरोना महामारी के दौर में इस ‘प्रजातांत्रिक महामारी’ की तरफ पीएम मोदी का ध्यान दिलाया है।

कमलनाथ ने अपनी चिट्ठी में लिखा है कि जिन राज्यों में विपक्ष की सरकारें हैं, उन्हें अनैतिक तरीके से गिराया जा रहा है।

मध्य प्रदेश में सरकार गिराने के बाद कांग्रेस के विधायकों को प्रलोभन देकर उनके इस्तीफे कराकर बीजेपी में शामिल कराया जा रहा है। प्रदेश पर उपचुनाव का बोझ डाला जा रहा है। इससे प्रजातांत्रिक व्यवस्था खत्म हो रही है।

कमलनाथ ने पत्र के माध्यम से पीएम मोदी से अनुरोध किया है कि ऐसे अवसरवादी नेताओं को अपनी सरकार, दल में कोई जगह न दें जिन पर प्रजातांत्रिक मूल्यों का सौदा करने का आरोप है, ताकि लोकतांत्रिक मूल्य के बचे रहें।

बड़ा मलहरा, नेपानगर और अब गुरुवार को खंडवा के मंधाता से कांग्रेस विधायक नारायण पटेल ने दल बदल कर बीजेपी का दामन थाम लिया है।

बीते 12 दिन में कांग्रेस के 3 विधायक एक-एक कर बीजेपी में चले गए। उससे पहले 22 विधायक बागी होकर सिंधिया के साथ बीजेपी में शामिल हुए थे। इस तरह अब तक कुल 25 विधायक कांग्रेस खो चुकी है।

विधानसभा में कांग्रेस में विधायकों की संख्या घटकर 89 रह गई है। कांग्रेस पार्टी को 27 सीटों पर उपचुनाव की तैयारी करनी पड़ रही है। ऐसे में कांग्रेस की चिंता और परेशानी स्वाभाविक है। इसलिए पूर्व सीएम कमलनाथ ने पीएम मोदी को पत्र लिख हस्तक्षेप की मांग की है।

गुरुवार को खंडवा के मांधाता से कांग्रेस विधायक नारायण पटेल ने बीजेपी में शामिल होते सीएम शिवराज को विधानसभा क्षेत्र के विकास के लिए सूची सौंप दी। नारायण पटेल का दावा सीएम शिवराज ने उनकी सूची के तहत 400 करोड़ के विकास कार्यों को मंजूरी देने का भरोसा दिलाया है।