नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद का नाम बदल कर प्रयागराज किए जाने को चुनौती देने वाली एक जनहित याचिका पर यूपी की योगी सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। यह जनहित याचिका इलाहाबाद हेरिटेज सोसायटी की ओर से दाखिल की गई थी। मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस एसए बोबडे, जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस सूर्यकांत की बेंच कर रही है।
2019 में ही उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने इलाहाबाद का नाम बदलने का ऐलान किया था। इस निर्णय पर मुहर लगने के बाद इलाहाबाद का आधिकारिक नाम प्रयागराज कर दिया गया। इलाहाबाद का नाम प्रयागराज करने का प्रस्ताव संतों की ओर से राज्य मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पास पेश किया गया था। इसके बाद ही मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस बात की घोषणा की थी। पीआईएल में कहा गया था कि राज्य सरकार को रेलवे स्टेशन, केंद्रीय विश्वविद्यालय का नाम बदलने का अधिकार नहीं है। यह अधिकार केंद्र के पास है।
मामला सुप्रीम कोर्ट में है। मामले की सुनवाई करने वाली बेंच के सदस्य जस्टिस अशोक भूषण ने इससे खुद को अलग कर लिया था, जिसके बाद यह मामला नई बेंच देख रही है। अब मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस एसए बोबडे, जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस सूर्यकांत की बेंच कर रही है।