याचिकाकर्ता फारूख पिता रहीम निवासी गुलमोहर कॉलोनी ने हाईकोर्ट में आपत्ति दर्ज कराई थी पुराना माखनलाल चतुर्वेदी बस स्टैंड 40 सालों से संचालित होकर यहां से इंदौर, खरगोन, बरवानी, बुरहानपुर एवं अन्य ग्रामीण क्षेत्रों के लिए भी मार्ग उपलब्ध था। याचिकाकर्ता के आवेदन पर हाईकोर्ट ने इस याचिका पर स्थगन आदेश जारी किए। इसके अलावा पार्षद शारदा आव्हाड़ की याचिका को कोर्ट ने खारिज कर दिया। पुराने बस स्टैंड से नये बस स्टैंड के लिए इंदौर, खरगोन, बुरहानपुर, पंधाना एवं अन्य स्थानों के लिए आवागमन की सुविधा नहीं होने से गरीब व्यक्ति परेशान हो रहे है।
नया बस स्टैंड पर बसें स्थानांतरित किए जाने के कारण उक्त सभी मार्गों की बसें उपलब्ध होने में आमजन को असुविधा हो रही है। शहर से 3 किमी दूर तक यात्रा करने का अतिरिक्त भार वहन करना पड़ रहा है। इतना किराया तो यहां से छैगांवमाखन का है। नये बस स्टैंड से पुराने बस स्टैंड पर सभी प्रकार के अन्य व्यवसायियों के व्यापार पर भी प्रतिकूल असर पड़ने वाला है।