एशियन गेम्स कबड्डी में अपना दबदबा कायम रखते हुए भारत ने कबड्डी के दोनों वर्गों में गोल्ड जीत लिया है। जहां भारतीय पुरुष टीम ने ईरान को रोमांचक मुकाबले में 27-25 से हराया, वहीं महिला टीम ने अपने फाइनल में ईरान को ही 30-21 से हराया। इन दो गोल्ड मेडल्स के साथ 17वें एशियाई खेलों में भारत ने 11 गोल्ड मेडल जीत लिए हैं।
इस प्रदर्शन के साथ ही भारत ने एशियन गेम्स कबड्डी में हर बार गोल्ड जीतने का शानदार रेकॉर्ड कायम रखा। पुरुष कबड्डी को 1990 में एशियाई खेलों में जगह दी गई। भारतीय पुरुष टीम तब से लगातार इसका स्वर्ण पदक हासिल करती रही है। महिला कबड्डी एशियाई खेलों में 2010 में ही शामिल की गई थी, जहां भारत ने सोना जीता था।
एशियाई खेल कबड्डी में सातवां गोल्ड मेडल जीतने को कोशिश कर रही भारतीय पुरुष टीम को गत उपविजेता ईरान ने कडी टक्कर दी। ईरान ने मैच के दौरान अधिकांश समय बढ़त बनाई रखी। ईरान ने पहले हाफ के बाद 10 अंक की मजबूत बढ़त बना ली थी लेकिन भारत ने दूसरे हाफ में जोरदार वापसी करते हुए मैच जीत लिया। भारत ने मैच के 37वें मिनट में पहली बार बढ़त बनाई और फिर आखिरी पलों में इसे बरकरार रखते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
पिछली बार की चैंपियन भारतीय महिलाओं को फाइनल में ईरान ने अच्छी चुनौती दी, लेकिन टीम इंडिया ने शानदार खेल दिखाते हुए खिताब बरकरार रखा। मैच में भारत ने धीमी शुरुआत की लेकिन टीम जल्द ही लय में आ गई। ईरान की टीम ने कड़ी टक्कर दी लेकिन इसके बावजूद भारतीय टीम पहले हाफ के बाद 15-11 से आगे चल रही थी।
भारत ने दूसरे हाफ में दबदबा बनाते हुए आसान जीत दर्ज की। भारत ने मैच में दो बार पूरी विरोधी टीम को आउट किया जिससे उसे चार लोना अंक मिले। ईरान एक भी लोना अंक हासिल नहीं कर पाया। अंत में भारत ईरान के लिए तकनीकी रुप से काफी मजबूत साबित हुआ। ईरान की टीम भी हालांकि पिछले खेलों के कांस्य पदक के मुकाबले इस बार बेहतर प्रदर्शन करते हुए रजत पदक जीतने में सफल रही।














