ग़ाज़ियाबाद- बीती रात गाजियाबाद इलाके में अज्ञात हमलावरों ने बीजेपी नेता बृजपाल तेवतिया के काफिला पर हमला किया। हमलावर AK-47 राइफल से लैस थे और उन्होंने तेवतिया के काफिले पर अंधाधुंध करीब 50 राउंड फायरिंग की। इस हमले में बीजेपी नेता तेवतिया के साथ करीब 6 उनके रक्षक भी घायल हो गए। अब पुलिस ने इस मामले में महिला पुलिस कांस्टेबल सहित कुछ लोगों को हिरासत में लिया है।
एडीजी लॉ एंड आर्डर दलजीत सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि यह वारदात निजी दुश्मनी की वजह से अंजाम दी गई है। पुलिस ने AK-47, 2.9 MM पिस्टल, रायफल सहित कई हथियार बरामद किए हैं। इस मामले की जांच की जा रही है।
हिरासत मे ली गई पुलिस कांस्टेबल सुनीता के मुताबिक उसे पूरी प्लानिंग की जानकारी नहीं थी। लेकिन वो तेवतिया से बदला लेना चाहती थी क्योंकि उसी की वजह से उसके पति राकेश हसनपुरिया की मौत हुई। घटना का कोई सीसीटीवी फुटेज नहीं है क्योंकि इलाका गांव का था। इससे पहले भी तेवतिया पर हमले की प्लानिंग की गई थी लेकिन ऐन मौके पर प्लान बदल गया था। तेवतिया को सामने से मारने के लिए फायरिंग की गई थी। लेकिन शीशे की वजह ये चारों गोलियां तेवतिया के कंधे के पास लगी।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक इस मामले में राजनगर में एक प्लॉट को लेकर रंजिश का मामला सामने आ रहा है। हमले में महरौली निवासी मनोज का नाम सामने आ रहा है। यह बृजपाल के गांव महरौली का ही रहने वाला है। इसमें कुछ और लोगों के नाम भी सामने आए हैं। बीजेपी नेता तेवतिया को पहले जान से मारने की धमकी मिल चुकी है। इसको देखते हुए उन्हें सुरक्षा दी गई थी।
हालांकि, कुछ दिन पहले उनसे सुरक्षा वापस ले ली गई थी। इसके बावजूद उनके साथ हमेशा करीब 10 गनर साथ रहते थे। जिस वक्त हमला हुआ बीजेपी नेता किसी तेरहवीं से लौट रहे थे। इस बीच मुरादनगर में उन पर हमलावरों ने अचानक हमला कर दिया। इसमें उनके गनर भी गंभीर रूप से घायल हो गए। ये हमला एसपी राज्यमंत्री आशु मलिक के आवास के पास किया। मंत्री के आवास के पास दो-तीन पीसीआर हमेशा तैनात रहती हैं। इसके अलावा राज्यमंत्री की सुरक्षा के लिए प्राइवेट सिक्योरिटी गार्ड भी तैनात रहते हैं।
बागपत में तैनात पुलिस कांस्टेबल सुनीता और दो अन्य लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। सुनीता कुख्यात क्रिमिनल राकेश हसनपुरिया की पत्नी है। बताया जा रहा है कि हसनपुरिया 2003 में पुलिस एनकाउंटर में मारा गया था। उस वक्त कहा जा रहा था कि तेवतिया ने उसकी मुखबिरी की थी। इसके अलावा शेखर चौधरी और मनोज फौजी को भी हिरासत में लिया गया है। शेखर रजापुर और मनोज महरौली का रहने वाला है। पुलिस के मुताबिक रेकी के बाद वारदात को अंजाम दिया गया। तेवतिया महरौली गांव के रहने वाले हैं और उनकी वहां रंजिश चल रही थी। पुलिस के मुताबिक पुरानी रंजिश में हमला किया गया है। [एजेंसी]















