नई दिल्ली: कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने आरएसएस और भाजपा की संगठनात्मक शक्ति की प्रशंसा करने वाले दिग्विजय सिंह का समर्थन किया है और कहा ”जी हां मैं भी यही चाहता हूं कि पार्टी संगठन को मजबूत करने पर जोर दिया जाए”। शशि थरूर ने कहा कि हमारा 140 साल का इतिहास है, और हम इससे बहुत कुछ सीख सकते हैं। हम खुद से भी बहुत कुछ सीख सकते हैं।
शशि थरूर ने कहा कि हमारे संगठन में अनुशासन जरूर होना चाहिए। हालांकि जब पत्रकारों ने ज्यादा सवाल किया तो उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह खुद इस बारे में बोल सकते हैं। उन्होंने दिग्विजय सिंह को अपना “मित्र” बताते हुए कहा कि हम मित्र हैं और बातचीत करना स्वाभाविक है। संगठन को मजबूत करना होगा, इसमें कोई संदेह नहीं है।
शशि थरूर की यह प्रतिक्रिया कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 1990 के दशक की एक पुरानी तस्वीर साझा करने के एक दिन बाद आईं। इस पोस्ट में दिग्विजय सिंह ने भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की संगठनात्मक शक्ति की प्रशंसा की। इस पोस्ट को शेयर करते ही सोशल मीडिया पर चर्चा जबरदस्त तरीके से तेज हो गई।
पुरानी तस्वीर में युवा नरेंद्र मोदी कार्यकर्ता के रूप में जमीन पर बैठे नजर आ रहे हैं, जबकि भाजपा के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी कुर्सी पर बैठे हैं। दिग्विजय सिंह ने इस तस्वीर को “प्रभावशाली” बताया और कहा कि यह गुजरात में एक कार्यक्रम में ली गई थी। इस पोस्ट ने कांग्रेस के भीतर और बाहर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं पैदा कर दीं, जिससे पार्टी के स्थापना दिवस के अवसर पर संगठनात्मक मजबूती को लेकर आंतरिक चर्चाओं पर फिर से ध्यान केंद्रित हो गया।
कांग्रेस पार्टी के सांसद मणिक्कम टैगोर ने फुटबॉल में एक “शानदार” आत्मघाती गोल का वीडियो साझा करते हुए लिखा, “प्रसिद्ध आत्मघाती गोल। हमारे पास एक है।
भाजपा प्रवक्ता सीआर केशवन ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि क्या राहुल गांधी साहस दिखाएंगे और दिग्विजय सिंह द्वारा उजागर किए गए उस चौंकाने वाले ‘सत्य बम’ पर प्रतिक्रिया देंगे, जिसने पूरी तरह से बेनकाब कर दिया है कि कांग्रेस का पहला परिवार किस तरह निर्दयतापूर्वक तानाशाही तरीके से पार्टी चलाता है और यह कांग्रेस नेतृत्व कितना निरंकुश और अलोकतांत्रिक है?















